काठमांडू। नेपाल के चितवन जिले में रविवार तड़के जंगली हाथी ‘ध्रुवे’ के हमले में एक महिला और उसके चार वर्षीय बेटे की मौत हो गई। इस घटना के साथ ही ध्रुवे के हमलों में जान गंवाने वालों की संख्या बढ़कर 25 हो गई है। घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है।
घर में सो रहे मां-बेटे पर किया हमला
जिला प्रहरी कार्यालय के सूचना अधिकारी चन्द्रभूषण यादव के अनुसार, सुबह करीब पांच बजे ध्रुवे ने भरतपुर महानगरपालिका-23 क्षेत्र में घर में सो रही 21 वर्षीय आशिका बोटे और उनके चार वर्षीय बेटे भरत बोटे पर हमला कर दिया। दोनों की मौके पर ही मौत हो गई।
हमले के दौरान आशिका के पति पूर्ण बोटे ने हाथी को भगाने के लिए आग जलाई, लेकिन इस प्रयास में उनका फूस का घर भी जलकर राख हो गया। पुलिस और स्थानीय लोगों की मदद से आग पर काबू पाया गया। वार्ड अध्यक्ष दीपक दवाड़ी ने भी घटना की पुष्टि की है।
2010 से इंसानों पर कर रहा है हमले
स्थानीय लोगों के अनुसार, ध्रुवे अधिकतर चितवन राष्ट्रीय निकुञ्ज के सुखीभार क्षेत्र में रहता है, लेकिन कई बार बस्तियों की ओर भी आ जाता है। वर्ष 2010 से वह लगातार इंसानों पर हमले करता रहा है और चितवन के माडी क्षेत्र में उसका आतंक लंबे समय से बना हुआ है।
ध्रुवे को पकड़ने या नियंत्रित करने के लिए वन्यजीव विभाग ने कई प्रयास किए। उसके गले में रेडियो कॉलर लगाया गया, दांत काटे गए, बेहोश कर ट्रैकिंग उपकरण लगाए गए और आक्रामक व्यवहार कम करने के लिए दवाइयां भी दी गईं, लेकिन वह पूरी तरह नियंत्रित नहीं हो सका।
हाल के महीनों में शांत रहने के बाद कुछ समय पहले ध्रुवे की जंगली हाथी ‘रोनाल्डो’ से भिड़ंत हुई थी। इसके बाद वह फिर सुखीभार क्षेत्र में लौट आया। चितवन राष्ट्रीय निकुञ्ज में ध्रुवे, रोनाल्डो और गोविन्दे जैसे कई जंगली नर हाथी मौजूद हैं।
