अयोध्या। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने स्पष्ट किया है कि मंदिर के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) का पद पुरुषों और महिलाओं, दोनों के लिए समान रूप से खुला है। ट्रस्ट की चयन समिति अगले एक महीने के भीतर नए सीईओ के नाम की घोषणा कर सकती है।
एक महीने में पूरी हो सकती है चयन प्रक्रिया
ट्रस्ट की तीन सदस्यीय चयन समिति ने सीईओ की नियुक्ति प्रक्रिया शुरू कर दी है। समिति में सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति प्रमोद कोहली, लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) विष्णु कांत चतुर्वेदी और सुरेश हवारे शामिल हैं। समिति का लक्ष्य अगले 30 दिनों के भीतर चयन प्रक्रिया पूरी करना है।
ईमानदारी और नेतृत्व क्षमता होगी प्रमुख कसौटी
चयन समिति के अनुसार, नए सीईओ में ईमानदारी, निष्ठा, विनम्रता और प्रभावी नेतृत्व क्षमता होना आवश्यक होगा। साथ ही भगवान श्रीराम के प्रति आस्था, प्रबंधन का अनुभव और मंदिर प्रशासन को सुचारु रूप से संचालित करने की क्षमता भी महत्वपूर्ण मानी जाएगी।
सीईओ की जिम्मेदारी श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना, मंदिर के प्रशासनिक कार्यों का संचालन करना तथा जिला प्रशासन और अन्य सरकारी एजेंसियों के साथ समन्वय बनाए रखना होगी।
विभिन्न क्षेत्रों के उम्मीदवारों को मिलेगा अवसर
ट्रस्ट ने संकेत दिया है कि चयन किसी एक पेशे तक सीमित नहीं रहेगा। पुलिस, सशस्त्र बल, अर्धसैनिक बल, प्रशासनिक सेवा और अन्य क्षेत्रों के अनुभवी एवं योग्य उम्मीदवार भी इस पद के लिए विचार किए जा सकते हैं। अंतिम चयन पूरी तरह योग्यता, कार्यक्षमता और उपयुक्तता के आधार पर होगा।
सिफारिश और आवेदनों के आधार पर होगा चयन
सूत्रों के अनुसार, कॉर्पोरेट क्षेत्र की तरह औपचारिक खोज प्रक्रिया अपनाने के बजाय संभावित नामों पर सिफारिशों और प्राप्त आवेदनों के आधार पर विचार किया जाएगा। उम्मीदवार की सार्वजनिक छवि, कार्यशैली और प्रशासनिक अनुभव को भी अहम महत्व दिया जाएगा।
नियमों में फिलहाल बदलाव नहीं
ट्रस्ट ने फिलहाल सीईओ की नियुक्ति के लिए नियमों में किसी बदलाव की आवश्यकता से इनकार किया है। उम्र सीमा और वेतन को लेकर अभी अंतिम निर्णय नहीं हुआ है, हालांकि ट्रस्ट अनुभवी और वरिष्ठ व्यक्ति की तलाश में है।
