वॉशिंगटन/तेहरान। अमेरिका ने ईरान से रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य को सभी वाणिज्यिक जहाजों के लिए पूरी तरह खोलने और इस मार्ग से गुजरने वाले जहाजों पर किसी भी प्रकार का हमला या टोल न लगाने की सार्वजनिक घोषणा करने की मांग की है। दोनों देशों के बीच बढ़े तनाव के बीच शनिवार को ओमान में होने वाली वार्ता पर पूरी दुनिया की नजरें टिकी हैं।
अमेरिका ने रखी स्पष्ट शर्त
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि ईरान को साफ तौर पर घोषणा करनी चाहिए कि होर्मुज जलडमरूमध्य के सभी नौवहन मार्ग खुले रहेंगे और वहां से गुजरने वाले जहाजों से किसी प्रकार का शुल्क नहीं लिया जाएगा।
अमेरिका का मानना है कि यह जलमार्ग वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद अहम है, क्योंकि दुनिया के लगभग एक-चौथाई समुद्री कच्चे तेल और एलएनजी का परिवहन इसी रास्ते से होता है।
ओमान वार्ता से पहले बढ़ा दबाव
अमेरिकी अधिकारियों ने उम्मीद जताई है कि ओमान में होने वाली वार्ता के बाद ईरान सकारात्मक रुख अपनाएगा। हालांकि उन्होंने चेतावनी भी दी कि यदि तेहरान अपेक्षित घोषणा नहीं करता है तो उसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं।
एक अमेरिकी अधिकारी ने कहा, “हमें उम्मीद है कि ईरान सभी समुद्री मार्ग खोलने और जहाजों पर टोल नहीं लगाने की घोषणा करेगा। अगर ऐसा नहीं होता है तो यह उनके लिए अच्छा दिन नहीं होगा।”
हमलों के बाद बढ़ा विवाद
तनाव की शुरुआत 17 जून को हुए एक समझौता ज्ञापन की अलग-अलग व्याख्याओं से हुई। इसके बाद अमेरिका और खाड़ी देशों ने तीन वाणिज्यिक जहाजों पर हुए हमलों के लिए ईरान को जिम्मेदार ठहराया। जवाब में दोनों पक्षों के बीच सैन्य कार्रवाई भी हुई, जिससे हालात और तनावपूर्ण हो गए।
ट्रंप की चेतावनी, ईरान का पलटवार
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया मंच ट्रूथ सोशल पर कहा कि वार्ता जारी रहेगी, लेकिन साथ ही उन्होंने यह भी लिखा कि “युद्धविराम खत्म हो गया है।”
उधर, ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने ट्रंप के उस दावे को खारिज कर दिया, जिसमें कहा गया था कि तेहरान ने नए दौर की वार्ता का अनुरोध किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि अमेरिका युद्धविराम का उल्लंघन करता है तो ईरान उसका जवाबी कार्रवाई से जवाब देगा।
ओमान में अहम बैठक आज
ईरानी मीडिया के अनुसार, विदेश मंत्री अब्बास अरागची शनिवार को ओमान में क्षेत्रीय मध्यस्थों से मुलाकात करेंगे। वहीं, संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर घालीबाफ ने कहा कि ईरान को अब भी अमेरिका पर भरोसा नहीं है और देश किसी भी दबाव के आगे नहीं झुकेगा।
क्यों अहम है होर्मुज जलडमरूमध्य?
28 फरवरी को अमेरिका-इजरायल के हमलों के बाद ईरान ने अधिकांश जहाजों के लिए होर्मुज जलडमरूमध्य पर प्रतिबंध लगा दिया था। इसके बाद से तेहरान जहाजों को अपने निर्देशों और तय समुद्री मार्गों का पालन करने के लिए कहता रहा है।
17 जून को हुए समझौते के तहत ईरान ने 60 दिनों तक वाणिज्यिक जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने और जलडमरूमध्य के प्रशासन को लेकर ओमान के साथ आगे भी बातचीत जारी रखने पर सहमति जताई थी। अब ओमान वार्ता से यह तय होगा कि क्षेत्र में तनाव कम होगा या टकराव और बढ़ेगा।
