अगर आपके बच्चे की लंबाई उम्र के अनुसार नहीं बढ़ रही है, तो इसकी वजह केवल आनुवंशिक कारण ही नहीं, बल्कि रोजमर्रा की कुछ आदतें भी हो सकती हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, नींद, खानपान और पोषण से जुड़ी गलतियां बच्चों की सामान्य वृद्धि को प्रभावित कर सकती हैं।
देर रात तक जागना पड़ सकता है भारी
विशेषज्ञ का कहना है कि बच्चों की लंबाई बढ़ाने में पर्याप्त और समय पर नींद की अहम भूमिका होती है। रात में गहरी नींद के दौरान शरीर में ग्रोथ हार्मोन का स्राव होता है। देर रात तक जागने से यह प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है।
अधिक मीठा और प्रसंस्कृत भोजन
बच्चों को अधिक मात्रा में मीठे पेय, पैकेट वाले खाद्य पदार्थ और प्रसंस्कृत भोजन देने से शरीर में शर्करा का स्तर तेजी से बढ़ता है। इससे ग्रोथ हार्मोन के स्राव पर असर पड़ सकता है, जो लंबाई की वृद्धि में बाधा बन सकता है।
जरूरत से ज्यादा दूध भी ठीक नहीं
विशेषज्ञों के मुताबिक केवल अधिक दूध पिलाने से हड्डियां मजबूत नहीं होतीं। यदि शरीर में विटामिन डी की कमी है, तो कैल्शियम का सही अवशोषण नहीं हो पाता। इसलिए जरूरत पड़ने पर विटामिन डी की जांच और चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है।
पोषक तत्वों की कमी
संतुलित आहार में प्रोटीन, कैल्शियम, विटामिन डी, जिंक और अन्य आवश्यक पोषक तत्वों की पर्याप्त मात्रा होना जरूरी है। इनकी कमी बच्चों की शारीरिक वृद्धि को प्रभावित कर सकती है।
शारीरिक गतिविधि की कमी
नियमित खेलकूद, दौड़ना, कूदना और व्यायाम बच्चों की हड्डियों और मांसपेशियों के विकास में मदद करते हैं। लंबे समय तक मोबाइल या टीवी के सामने बैठे रहने से शारीरिक विकास पर नकारात्मक असर पड़ सकता है।
क्या करें माता-पिता?
विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि बच्चों को समय पर सुलाएं, संतुलित और पौष्टिक भोजन दें, नियमित शारीरिक गतिविधि के लिए प्रेरित करें और यदि लंबे समय तक लंबाई में अपेक्षित वृद्धि न हो तो बाल रोग विशेषज्ञ से परामर्श लें।
