ऑकलैंड। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) में स्थायी सदस्यता की भारत की दावेदारी को न्यूजीलैंड ने एक बार फिर समर्थन दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की न्यूजीलैंड यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच हुई द्विपक्षीय वार्ता में यह ऐलान किया गया। दोनों देशों ने वैश्विक संस्थाओं में सुधार और आपसी रणनीतिक सहयोग को मजबूत करने पर भी सहमति जताई।
यूएनएससी सुधार पर साझा सहमति
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन के बीच ऑकलैंड में हुई बैठक में भारत-न्यूजीलैंड रणनीतिक साझेदारी के रोडमैप को अपनाया गया। इस दौरान दोनों नेताओं ने संयुक्त राष्ट्र और सुरक्षा परिषद में व्यापक सुधारों की आवश्यकता पर जोर दिया। न्यूजीलैंड ने सुरक्षा परिषद की स्थायी सदस्यता के लिए भारत की दावेदारी का समर्थन दोहराया।
अंतरराष्ट्रीय मंचों पर बढ़ेगा सहयोग
दोनों देशों ने संयुक्त राष्ट्र समेत अन्य बहुपक्षीय मंचों पर आपसी समन्वय बढ़ाने और जहां संभव हो, एक-दूसरे की उम्मीदवारी का समर्थन करने पर सहमति व्यक्त की। इसके साथ ही अगले चार वर्षों में रक्षा और सुरक्षा सहयोग को और मजबूत बनाने की योजना पर भी सहमति बनी।
बैठक में रक्षा मंत्रालय और सैन्य स्तर पर नियमित संवाद जारी रखने का निर्णय लिया गया। दोनों देशों ने कंबाइंड टास्क फोर्स-150 के तहत सहयोग बढ़ाने पर भी जोर दिया। इस अभियान का उद्देश्य पश्चिम एशिया और पश्चिमी हिंद महासागर में नशीले पदार्थों की तस्करी, आतंकवाद और अन्य अवैध समुद्री गतिविधियों पर रोक लगाना है।
अस्थायी सदस्यता के लिए भी अभियान शुरू करेगा भारत
भारत अगले सप्ताह 2028-29 कार्यकाल के लिए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की अस्थायी सदस्यता के चुनाव अभियान की औपचारिक शुरुआत करेगा। विदेश मंत्री एस. जयशंकर संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय, न्यूयॉर्क में भारत की उम्मीदवारी का आधिकारिक ऐलान करेंगे।
