दुमका। विश्व प्रसिद्ध राजकीय श्रावणी मेला 2026 के आयोजन को लेकर बासुकीनाथ धाम में तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। प्रशासन श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए युद्धस्तर पर व्यवस्थाएं पूरी करने में जुटा है। मेले का उद्घाटन 30 जुलाई को होगा।
कांवरिया रूट लाइन का हुआ विस्तार
श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए इस वर्ष कांवरिया रूट लाइन का विस्तार किया गया है। शिवगंगा की विशेष साफ-सफाई कराई गई है, ताकि श्रद्धालु स्वच्छ जल में स्नान कर बाबा बासुकीनाथ का जलाभिषेक कर सकें।
पंडा धर्मरक्षिणी सभा के अध्यक्ष मनोज पंडा ने बताया कि इस बार श्रद्धालुओं की सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। बाबा मंदिर के उत्तर दिशा में राष्ट्रीय राजमार्ग के पास स्थित तारा मंदिर से पैदल कांवरियों को कतारबद्ध तरीके से मंदिर में प्रवेश कराया जाएगा।
सोमवार और मंगलवार को रहेगा अरघा सिस्टम
श्रावण के सोमवार और मंगलवार को अधिक भीड़ की संभावना को देखते हुए गर्भगृह के बाहर अरघा सिस्टम लागू रहेगा। श्रद्धालु अरघा के माध्यम से भगवान शिव का जलाभिषेक करेंगे।
डाक बम और शीघ्र दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं के लिए अलग रूट लाइन की व्यवस्था की गई है। वहीं, मंदिर परिसर के बाहर कई जलार्पण काउंटर भी बनाए जा रहे हैं, ताकि कतार में खड़े होने में असमर्थ श्रद्धालु भी आसानी से जल अर्पित कर सकें।
टेंट सिटी और अस्पताल की व्यवस्था
श्रद्धालुओं के ठहरने के लिए बड़े पैमाने पर टेंट सिटी बनाई जा रही है। इसके साथ ही अस्वस्थ और घायल कांवरियों के उपचार के लिए अस्थायी अस्पताल भी तैयार किया जा रहा है।
पंडा धर्मरक्षिणी सभा के महामंत्री संजय झा ने बताया कि प्रशासन और सभा के संयुक्त प्रयास से सभी तैयारियां समय पर पूरी कर ली जाएंगी। उन्होंने कहा कि इस वर्ष भी श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।


