पूर्वी सिंहभूम। आनंद मार्ग यूनिवर्सल रिलीफ टीम ग्लोबल के रिलीफ कोऑर्डिनेटर सुनील आनंद ने झारखंड के सभी सांसदों और विधायकों से आयुष्मान भारत योजना के तहत मोतियाबिंद की फेको सर्जरी (आधुनिक पद्धति से ऑपरेशन) दोबारा शुरू कराने की मांग की है। उनका कहना है कि इस सुविधा के बंद होने से गरीब और जरूरतमंद मरीजों, विशेषकर बुजुर्गों को गंभीर परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
गरीब मरीजों के इलाज पर पड़ रहा असर
बुधवार को जारी प्रेस विज्ञप्ति में सुनील आनंद ने कहा कि पिछले कुछ महीनों से झारखंड में आयुष्मान योजना के तहत निजी अस्पतालों में मोतियाबिंद की फेको सर्जरी नहीं हो रही है। इससे आर्थिक रूप से कमजोर मरीज समय पर इलाज नहीं करा पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि कई मरीजों का उपचार केवल फेको सर्जरी से ही संभव है और देरी होने पर उनकी आंखों की रोशनी स्थायी रूप से प्रभावित हो सकती है।
जांच हो, लेकिन इलाज न रुके
सुनील आनंद ने कहा कि यदि आयुष्मान योजना में किसी प्रकार की अनियमितता या घोटाले की आशंका है तो उसकी निष्पक्ष जांच जरूर होनी चाहिए, लेकिन जांच के नाम पर गरीब मरीजों का इलाज रोकना उचित नहीं है। उन्होंने सरकार से जल्द फेको सर्जरी की सुविधा बहाल करने की मांग करते हुए कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं को किसी भी परिस्थिति में बाधित नहीं किया जाना चाहिए और जरूरतमंद मरीजों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता मिलनी चाहिए।


