नई दिल्ली। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने नीट पेपर लीक, छात्रों पर पुलिस कार्रवाई और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पेपर लीक की जिम्मेदारी लेनी चाहिए।
संसद भवन परिसर में गुरुवार को पत्रकारों से बातचीत में प्रियंका गांधी ने कहा कि लोकतंत्र के इतिहास में पहली बार सत्ता पक्ष के सांसद खुद संसद के बाहर प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार संसद चलाने में विफल रही है।
युवाओं पर अत्याचार का आरोप
प्रियंका गांधी ने कहा कि अपनी जायज मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे युवाओं पर लाठीचार्ज और आंसू गैस का इस्तेमाल किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों की आवाज दबाने का प्रयास किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री हर उपलब्धि का श्रेय लेते हैं, लेकिन पेपर लीक जैसे गंभीर मामलों की जिम्मेदारी लेने से बचते हैं। उनके अनुसार, पिछले 10 वर्षों में 152 पेपर लीक की घटनाएं हुईं, लेकिन किसी भी दोषी को सजा नहीं मिली।
प्रधानमंत्री से जवाबदेही की मांग
प्रियंका गांधी ने कहा कि प्रधानमंत्री बच्चों की चिंता की बात करते हैं, लेकिन दूसरी ओर प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि यदि किसी छात्र को नुकसान पहुंचता है तो इसकी जिम्मेदारी प्रधानमंत्री की होगी।


