रांची। झारखंड में फ़िल्म एंड टेलीविज़न इंस्टीट्यूट (जेएफटीआई) की स्थापना की दिशा में राज्य सरकार ने प्रारंभिक तैयारियां शुरू कर दी हैं। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की मौजूदगी में 22 जुलाई को झारखंड फ़िल्म डेवलपमेंट कॉरपोरेशन और सत्यजीत रे फ़िल्म एंड टेलीविज़न इंस्टीट्यूट (एसआरएफटीआई), कोलकाता के बीच हुए समझौते के बाद एसआरएफटीआई के कुलपति समीरन दत्ता ने अपने प्रतिनिधिमंडल के साथ सूचना भवन का दौरा किया। इस दौरान संस्थान की स्थापना और पाठ्यक्रम शुरू करने के लिए उपलब्ध सुविधाओं का आकलन किया गया।
जल्द शुरू होंगे अल्पकालिक फ़िल्म पाठ्यक्रम
सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के संयुक्त निदेशक आनंद ने बताया कि जेएफटीआई के शुरुआती चरण में एक, दो, तीन और छह माह की अवधि वाले अल्पकालिक पाठ्यक्रम शुरू किए जाएंगे। इनमें पूर्णकालिक, अंशकालिक और सायंकालीन कक्षाओं की सुविधा होगी। सत्यजीत रे फ़िल्म एंड टेलीविज़न इंस्टीट्यूट के तकनीकी सहयोग से विभाग के उपलब्ध संसाधनों का उपयोग कर जल्द ही इन पाठ्यक्रमों की शुरुआत करने का प्रयास किया जा रहा है।
विश्वस्तरीय प्रशिक्षण मिलेगा युवाओं को
एसआरएफटीआई के कुलपति समीरन दत्ता ने कहा कि जेएफटीआई शुरू होने से झारखंड के युवाओं, विशेषकर मास मीडिया और सिनेमा में रुचि रखने वाले विद्यार्थियों को विश्वस्तरीय तकनीकी प्रशिक्षण मिलेगा। संस्थान में साउंड डिज़ाइन, संपादन, एनीमेशन, पटकथा लेखन, सिनेमैटोग्राफी, निर्देशन और फ़िल्म निर्माण जैसे विषयों का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि एसआरएफटीआई संस्थान का ब्लूप्रिंट तैयार करने, कक्षाओं की रूपरेखा, अतिथि शिक्षकों और तकनीकी संसाधनों की व्यवस्था में हरसंभव सहयोग करेगा। उन्होंने सुझाव दिया कि जेएफटीआई पूरी तरह शुरू होने के बाद राज्य के मीडियाकर्मियों के लिए भी अल्पकालिक प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाए जाएं। साथ ही बेहतर फ़िल्म संस्कृति विकसित करने के लिए फ़िल्म एप्रिसिएशन पाठ्यक्रम से शुरुआत करने की भी सलाह दी।
बैठक में सूचना एवं जनसंपर्क विभाग और एसआरएफटीआई के कई अधिकारी एवं विशेषज्ञ मौजूद रहे।


