रांची। विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर)-2026 के तहत मतदाता सूची से जुड़े कार्यों की समीक्षा करते हुए जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री ने अधिकारियों और कर्मियों को मिशन मोड में काम करने का निर्देश दिया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि निर्धारित समयसीमा के भीतर गणना प्रपत्रों का वितरण, संग्रहण और डिजिटाइजेशन हर हाल में पूरा किया जाए। लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।
समाहरणालय स्थित एनआईसी सभागार में आयोजित बैठक में उपायुक्त ने सभी निर्वाचन निबंधन पदाधिकारियों और सहायक निर्वाचन निबंधन पदाधिकारियों से विधानसभावार गणना प्रपत्रों के वितरण, संग्रहण, डिजिटाइजेशन तथा एएसडीडी सूची की समीक्षा की। जिन मतदान केंद्रों पर प्रगति धीमी मिली, वहां तत्काल कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए गए।
कई अधिकारियों को शोकॉज, वेतन रोकने का आदेश
उपायुक्त ने जिला समाज कल्याण पदाधिकारी और जिला शिक्षा अधीक्षक को अगले छह दिनों तक सभी बीएलओ पर्यवेक्षकों को सक्रिय रूप से बीएलओ के साथ जोड़ने का निर्देश दिया।
बैठक में धीमी प्रगति पर नाराजगी जताते हुए रातू के सहायक निर्वाचन निबंधन पदाधिकारी सह अंचलाधिकारी रवि कुमार, चान्हो अंचलाधिकारी, हेहल अंचलाधिकारी और एएमसी चंद्र दीप कुमार को शोकॉज जारी करने का निर्देश दिया गया।
वहीं, बिना सूचना बैठक से अनुपस्थित रहने पर बुंडू के सहायक निर्वाचन निबंधन पदाधिकारी और बड़गाईं अंचलाधिकारी को शोकॉज जारी करने के साथ उनका वेतन रोकने का भी निर्देश दिया गया।
50 प्रतिशत से कम डिजिटाइजेशन पर भी होगी कार्रवाई
उपायुक्त ने कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण निर्वाचन प्रक्रिया का महत्वपूर्ण चरण है और इसमें किसी भी स्तर पर ढिलाई स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने बीएलओ पर्यवेक्षकों की शिकायत मिलने पर निलंबन की कार्रवाई तथा 50 प्रतिशत से कम डिजिटाइजेशन करने वाले बीएलओ को भी शोकॉज जारी करने के निर्देश दिए।
बैठक में जिले के सभी सात विधानसभा क्षेत्रों के निर्वाचन निबंधन पदाधिकारी, सहायक निर्वाचन निबंधन पदाधिकारी, जिला उपनिर्वाचन पदाधिकारी, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी और अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।


