अक्सर लोग कॉकरोच को मामूली कीट समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन यह कई खतरनाक बैक्टीरिया और संक्रमण फैलाने का कारण बन सकते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, कॉकरोच भोजन को दूषित कर फूड पॉइजनिंग और अन्य संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ाते हैं। कमजोर प्रतिरक्षा वाले बच्चे और बुजुर्ग इनसे सबसे अधिक प्रभावित हो सकते हैं।
कॉकरोच क्यों हैं खतरनाक?
कॉकरोच गंदगी, कूड़े और नालियों में घूमते हैं। इस दौरान उनके शरीर और पाचन तंत्र में कई प्रकार के बैक्टीरिया जमा हो जाते हैं। इनमें साल्मोनेला, स्टैफिलोकोकस और स्ट्रेप्टोकोकस जैसे जीवाणु शामिल हो सकते हैं। कुछ अध्ययनों के अनुसार, वे अन्य रोगजनकों को भी एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचा सकते हैं।
कैसे फैलाते हैं संक्रमण?
कॉकरोच भोजन, कूड़े और मल जैसी जगहों पर आते-जाते रहते हैं। इसके बाद वे रसोई या खाने-पीने की वस्तुओं पर बैठकर अपने मल और अन्य स्राव के माध्यम से बैक्टीरिया फैला सकते हैं। दूषित भोजन खाने से फूड पॉइजनिंग और पेट संबंधी संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है।
बच्चों और बुजुर्गों को क्यों ज्यादा खतरा?
बच्चों और बुजुर्गों की रोग प्रतिरोधक क्षमता अपेक्षाकृत कमजोर होती है। ऐसे में दूषित भोजन से होने वाला संक्रमण उन्हें जल्दी प्रभावित कर सकता है। गंभीर मामलों में उल्टी, दस्त, बुखार और शरीर में पानी की कमी जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
कॉकरोच की पहचान
- अंडाकार और चपटा शरीर
- छह पैर
- लंबे एंटीना
- तेज गति से चलने की क्षमता
- अधिकांश प्रजातियों में पंख
कॉकरोच से बचाव के उपाय
- घर और रसोई की नियमित सफाई करें।
- फ्रिज, गैस चूल्हे और अन्य उपकरणों के नीचे जमा गंदगी साफ करें।
- भोजन को हमेशा ढककर रखें।
- कूड़ेदान को रोजाना खाली करें और साफ रखें।
- पालतू जानवरों के बर्तनों में लंबे समय तक भोजन न छोड़ें।
- घर में कहीं भी पानी का रिसाव या नमी न रहने दें।
- आवश्यकता पड़ने पर पेशेवर पेस्ट कंट्रोल कराएं।
मानसून में बरतें विशेष सावधानी
बरसात के मौसम में कॉकरोच, मक्खी, मच्छर और चूहे अधिक सक्रिय हो जाते हैं। इसलिए इस मौसम में रसोई और घर की साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देना चाहिए, ताकि संक्रमण और भोजन से होने वाली बीमारियों का जोखिम कम किया जा सके।


