केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने NEET-UG परीक्षा विवाद और जंतर-मंतर पर चल रहे छात्र आंदोलन के बीच अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने अपना त्यागपत्र प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भेज दिया है।
इस्तीफे के मुख्य कारण
- NEET-UG विवाद: 3 मई को हुई परीक्षा में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक को लेकर उठे बड़े विवाद के बाद से वे विपक्ष और छात्र संगठनों के निशाने पर थे। [1, 2]
- छात्र आंदोलन: दिल्ली के जंतर-मंतर पर पिछले कई दिनों से लगातार प्रदर्शन जारी था और प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांग शिक्षा मंत्री का इस्तीफा थी। [1, 2]
- नैतिक जिम्मेदारी: अपने इस्तीफे के ऐलान में उन्होंने छात्रों के भविष्य और शिक्षा व्यवस्था में शांति बनाए रखने की बात कही है। [1]
सरकार के अन्य कदम
- सीबीआई जांच: परीक्षा में गड़बड़ी की जांच सीबीआई को सौंपी गई थी और परीक्षा दोबारा आयोजित की गई थी। [1]
- प्रशासनिक फेरबदल: विवाद के बीच उच्च शिक्षा सचिव विनीत जोशी का तबादला कर दिया गया है तथा शिक्षा विभाग के शीर्ष पदों पर नए अधिकारियों की नियुक्ति की गई है।


