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ऑफिस में खाना खाने के बाद आती है नींद? स्लीप हाइजीन सुधारें, देर रात मोबाइल और ज्यादा कैफीन से बनाएं दूरी

ऑफिस में दोपहर का भोजन करने के बाद बार-बार नींद आना या काम के दौरान झपकी महसूस होना केवल थकान का संकेत नहीं है। कई मामलों में इसकी वजह खराब नींद, अनियमित दिनचर्या या अस्वस्थ जीवनशैली हो सकती है। हालांकि, यदि यह समस्या लंबे समय तक बनी रहे, तो यह स्लीप डिसऑर्डर या अन्य स्वास्थ्य समस्याओं का संकेत भी हो सकती है। ऐसे में समय रहते कारण पहचानकर उचित कदम उठाना जरूरी है।

क्या है अत्यधिक दिन की नींद?

दिनभर बार-बार नींद आना या जागे रहने के बावजूद सुस्ती महसूस होना अत्यधिक दिन की नींद (एक्सेसिव डेटाइम स्लीपिनेस) कहलाता है। यह स्थिति कार्यक्षमता, एकाग्रता और निर्णय लेने की क्षमता को प्रभावित कर सकती है। लगातार ऐसी समस्या रहने पर दुर्घटनाओं का जोखिम भी बढ़ सकता है।

स्लीप हाइजीन सुधारें

यदि रात में अच्छी और पर्याप्त नींद नहीं मिलती, तो दिन में नींद आना स्वाभाविक है। रोज एक ही समय पर सोने और उठने की आदत बनाएं। सोने से पहले मोबाइल, लैपटॉप और अन्य स्क्रीन का उपयोग कम करें। साथ ही, बेडरूम को शांत, अंधेरा और आरामदायक रखें।

देर रात तक जागने से बचें

देर रात तक काम करना या मोबाइल चलाना शरीर की जैविक घड़ी को प्रभावित करता है। इससे नींद की गुणवत्ता खराब होती है और अगले दिन थकान व सुस्ती बनी रहती है।

दवाओं का असर भी हो सकता है

कुछ एलर्जी, अवसाद या दर्द की दवाओं के कारण भी दिनभर नींद आ सकती है। यदि किसी दवा के सेवन के बाद लगातार सुस्ती महसूस हो रही है, तो बिना सलाह दवा बंद करने की बजाय डॉक्टर से परामर्श लें।

सोने से पहले हल्का संगीत सुनें

हल्का और शांत संगीत तनाव कम करने में मदद कर सकता है। इससे मन शांत होता है और अच्छी नींद आने में सहायता मिल सकती है।

हर घंटे थोड़ा टहलें

लगातार एक जगह बैठे रहने से सुस्ती बढ़ सकती है। इसलिए हर घंटे कुछ मिनट के लिए उठकर टहलें या हल्की स्ट्रेचिंग करें। नियमित व्यायाम भी दिनभर ऊर्जा बनाए रखने में मदद करता है।

इन दो चीजों से बनाएं दूरी

  • देर रात मोबाइल और लैपटॉप का इस्तेमाल कम करें, क्योंकि स्क्रीन की नीली रोशनी नींद को प्रभावित करती है।
  • शराब और जरूरत से ज्यादा कैफीन का सेवन न करें, क्योंकि ये दोनों आपकी नींद की गुणवत्ता खराब कर सकते हैं और अगले दिन सुस्ती बढ़ा सकते हैं।

कब डॉक्टर से मिलें?

यदि पर्याप्त नींद लेने के बावजूद दिनभर अत्यधिक नींद आती है, तेज खर्राटे आते हैं, सांस रुकने जैसी समस्या होती है या लंबे समय से यह परेशानी बनी हुई है, तो विशेषज्ञ चिकित्सक से जांच कराना जरूरी है। यह स्लीप एप्निया, मधुमेह या अन्य स्वास्थ्य समस्याओं का संकेत हो सकता है।

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