ग्लास्गो। भारत के पैरा पावरलिफ्टर झंडू कुमार ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में कांस्य पदक जीतकर देश के लिए पदकों का खाता खोल दिया। उनकी इस उपलब्धि पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बधाई देते हुए कहा कि उन्होंने अपनी मेहनत, संकल्प और शानदार प्रदर्शन से पूरे देश का गौरव बढ़ाया है।

हेवीवेट पैरा पावरलिफ्टिंग में जीता कांस्य पदक
पुरुषों की हेवीवेट पैरा पावरलिफ्टिंग स्पर्धा में झंडू कुमार ने 130.9 अंक के सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के साथ कांस्य पदक अपने नाम किया। ग्रुप बी में उन्होंने युगांडा के डेनिस म्बाजीरा और ऑस्ट्रेलिया के बेन राइट को पीछे छोड़ते हुए पदक की दौड़ में जगह बनाई।
संयुक्त परिणाम में नाइजीरिया के रिलुवान इदरीस ने 132.8 अंक के साथ स्वर्ण पदक, जबकि इंग्लैंड के मैथ्यू हार्डिंग ने 131.0 अंक के साथ रजत पदक जीता। झंडू कुमार महज 0.1 अंक से रजत पदक से चूक गए।
पीएम मोदी ने दी बधाई
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सामाजिक माध्यम एक्स पर झंडू कुमार को बधाई देते हुए लिखा कि उन्होंने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत के लिए पहला पदक जीतकर देश का गौरव बढ़ाया है। प्रधानमंत्री ने कहा कि यह उपलब्धि उनकी अपार ताकत, अटूट संकल्प और वर्षों की अनुशासित मेहनत का परिणाम है। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय मंच पर शानदार प्रदर्शन कर झंडू कुमार ने अनगिनत भारतीयों को प्रेरित किया है।
संघर्ष से सफलता तक का सफर
झंडू कुमार का जन्म 1 जनवरी 1997 को बिहार के नालंदा जिले के हरनौत में हुआ था। वह जन्म से पोलियो से प्रभावित हैं। साधारण परिवार से आने वाले झंडू के पिता सब्जी विक्रेता हैं। आर्थिक और शारीरिक चुनौतियों के बावजूद उन्होंने अपने हौसले को कभी कमजोर नहीं होने दिया।
उन्होंने वर्ष 2017 में पैरा एथलेटिक्स से अपने खेल करियर की शुरुआत की। एफ-55 शॉट पुट और डिस्कस थ्रो में कई जिला और राज्य स्तरीय पदक जीतने के बाद स्ट्रेंथ ट्रेनिंग के दौरान उनकी रुचि पैरा पावरलिफ्टिंग की ओर बढ़ी। बाद में उन्होंने इसी खेल को अपना कर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का नाम रोशन किया।


