तेहरान। पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच ईरान और ओमान के बीच कूटनीतिक बातचीत में सकारात्मक प्रगति के संकेत मिले हैं। होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर दोनों देशों के बीच वार्ता आगे बढ़ी है। वहीं अमेरिकी सेना ने लगातार 13 दिनों की कार्रवाई के बाद फिलहाल हमले रोक दिए हैं। हालांकि हूती विद्रोहियों के हमले जारी रहने से क्षेत्र में तनाव अभी भी बना हुआ है।
होर्मुज जलडमरूमध्य पर वार्ता आगे बढ़ी
रिपोर्टों के अनुसार, ओमान और ईरान के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य तथा आसपास के समुद्री क्षेत्र को लेकर बातचीत हुई है। दोनों पक्ष समुद्री मार्गों को फिर से सामान्य बनाने के विकल्पों पर चर्चा कर रहे हैं। हालांकि अंतिम समझौते तक पहुंचने में अभी कुछ समय लग सकता है। बातचीत के लिए ओमान के अधिकारी शुक्रवार को तेहरान पहुंचे थे।
बताया जा रहा है कि यह पहल अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा बमबारी रोकने के फैसले के बाद तेज हुई। लगातार 13 रातों तक सैन्य कार्रवाई के बाद 14वीं रात अमेरिकी सेना ने कोई हमला नहीं किया। हालांकि व्हाइट हाउस और अमेरिकी मध्य कमान ने इस पर आधिकारिक टिप्पणी नहीं की है।
संघर्ष विराम की कोशिशें जारी
सूत्रों के मुताबिक, ईरान और अमेरिका दोनों ही किसी संभावित संघर्ष विराम का रास्ता तलाश रहे हैं। कई मध्यस्थ देश दोनों पक्षों के बीच संवाद बनाए रखने का प्रयास कर रहे हैं। हालांकि होर्मुज जलडमरूमध्य पर नियंत्रण को लेकर दोनों देशों के रुख में अब भी मतभेद बने हुए हैं।
यूक्रेन पर ईरान नाराज
कैस्पियन सागर में ईरान के एक जहाज पर कथित हमले के बाद ईरान ने यूक्रेन के वरिष्ठ राजनयिक को तलब किया है। इस हमले में एक नाविक की मौत और एक अन्य के घायल होने की जानकारी सामने आई है। ईरान ने इस घटना को संयुक्त राष्ट्र चार्टर का उल्लंघन बताते हुए इसकी निंदा की है। विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने इस मुद्दे पर यूरोपीय संघ के विदेश नीति प्रमुख से भी बातचीत की है।
अमेरिका ने जारी रखी समुद्री निगरानी
अमेरिकी मध्य कमान ने बताया कि ईरानी बंदरगाहों की निगरानी के तहत अरब सागर और ओमान की खाड़ी में दो टैंकरों की जांच की गई। जांच के बाद दोनों जहाजों को आगे बढ़ने की अनुमति दे दी गई। अमेरिका का कहना है कि ईरानी बंदरगाहों की समुद्री निगरानी और नाकाबंदी फिलहाल जारी रहेगी।
हूती विद्रोहियों ने फिर किए हमले
यमन के हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब के नेतृत्व वाले गठबंधन की कार्रवाई के जवाब में जिजान और यानबू स्थित सऊदी अरामको की तेल सुविधाओं पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए। इन हमलों के बाद क्षेत्र में सुरक्षा चिंताएं और बढ़ गई हैं।
रूस पर यूक्रेन का आरोप
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने दावा किया है कि रूस उपग्रह निगरानी के माध्यम से ईरान को पश्चिम एशिया में अमेरिकी सैन्य ठिकानों की जानकारी उपलब्ध करा रहा है। उन्होंने कहा कि इस संबंध में उपलब्ध साक्ष्य अमेरिका के साथ साझा किए जाएंगे।


