देहरादून। उत्तराखंड में लगातार हो रही भारी बारिश से जनजीवन प्रभावित हो गया है। रुद्रप्रयाग जिले में अलकनंदा और मंदाकिनी नदियां चेतावनी स्तर से ऊपर बह रही हैं। वहीं, मुनकटिया के पास राष्ट्रीय राजमार्ग-107 बाधित होने के कारण केदारनाथ यात्रा को आंशिक रूप से रोक दिया गया है।
राज्य के कई जिलों में भूस्खलन और मलबा आने से सड़कें प्रभावित हुई हैं। प्रशासन ने लोगों से नदी-नालों के आसपास नहीं जाने और जरूरी होने पर ही यात्रा करने की अपील की है।
रुद्रप्रयाग में नदियों का बढ़ा जलस्तर
जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र के अनुसार, रुद्रप्रयाग जिले के ऊखीमठ में 120 मिलीमीटर और जखोली में 58 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है। लगातार बारिश के कारण अलकनंदा और मंदाकिनी नदियों का जलस्तर चेतावनी स्तर से ऊपर पहुंच गया है।
प्रशासन ने नदी किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। जिले में कई स्थानों पर सड़कें बंद हैं, जबकि मुनकटिया के पास राष्ट्रीय राजमार्ग-107 अवरुद्ध होने से केदारनाथ यात्रा प्रभावित हुई है।
टिहरी और देहरादून में सड़कें क्षतिग्रस्त
टिहरी गढ़वाल जिले में भूस्खलन और मलबा आने से दो राष्ट्रीय राजमार्गों समेत करीब 20 मोटर मार्ग प्रभावित हुए हैं। प्रतापनगर और कीर्तिनगर क्षेत्रों में भवनों और संपर्क मार्गों को भी नुकसान पहुंचा है। कुछ गांवों में पेयजल आपूर्ति भी बाधित हुई है।
चमीयाला में बालगंगा नदी का जलस्तर 924.04 मीटर दर्ज किया गया, जो चेतावनी स्तर से ऊपर है। हालांकि गंगा और अलकनंदा समेत अन्य प्रमुख नदियों का जलस्तर फिलहाल खतरे के निशान से नीचे बना हुआ है।
देहरादून में जिलाधिकारी ने संभाली कमान
देहरादून में बारिश के कारण प्रेमनगर स्थित नंदा की चौकी के पास पुलिया की एप्रोच सड़क क्षतिग्रस्त हो गई। हालांकि पुलिया सुरक्षित बताई गई है। जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने मौके का निरीक्षण कर अधिकारियों को जल्द मरम्मत कार्य पूरा करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने सोडा सरोली पहुंचकर वर्षा से क्षतिग्रस्त पीएमजीएसवाई सड़क को तत्काल खोलने के निर्देश दिए। वहीं, मलबा आने से बंद थानों मार्ग को यातायात के लिए बहाल कर दिया गया है।
प्रशासन की टीमें लगातार प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण कर रही हैं और बंद मार्गों को खोलने का काम जारी है।


