पूर्वी सिंहभूम। मानगो थाना क्षेत्र के गुरुद्वारा रोड और बैकुंठनगर स्थित सुवर्णरेखा नदी किनारे बसे परिवारों ने प्रशासन की ओर से मिले अंतिम नोटिस के विरोध में शुक्रवार को प्रदर्शन किया। बस्तीवासियों ने सरकार और जिला प्रशासन से मांग की कि अतिक्रमण हटाने से पहले सभी प्रभावित परिवारों के पुनर्वास और वैकल्पिक आवास की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वे करीब 50 वर्षों से इस क्षेत्र में रह रहे हैं और नियमित रूप से मानगो नगर निगम को होल्डिंग टैक्स तथा पानी टैक्स का भुगतान करते हैं। इसके बावजूद अब उन्हें अतिक्रमणकारी बताकर घर खाली करने का निर्देश दिया गया है, जिससे दर्जनों परिवारों के सामने बेघर होने का संकट खड़ा हो गया है।
4 अगस्त तक मकान खाली करने का निर्देश
मानगो अंचल कार्यालय ने सुवर्णरेखा नदी किनारे बने करीब 50 से 60 मकानों को हटाने के लिए अंतिम नोटिस जारी किया है। नोटिस के अनुसार संबंधित लोगों को 4 अगस्त 2026 तक स्वयं अतिक्रमण हटाने को कहा गया है। इसके बाद दंडाधिकारी और पुलिस बल की मौजूदगी में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन का कहना है कि नदी के चौड़ीकरण और तट पर पिचिंग कार्य के लिए इस क्षेत्र को खाली कराना आवश्यक है। अंचल कार्यालय के अनुसार इस मामले में सुनवाई की प्रक्रिया पूरी होने के बाद 11 सितंबर 2024 को अंतिम आदेश पारित किया गया था। आदेश का पालन नहीं होने पर दिसंबर 2024 में दोबारा नोटिस जारी किया गया और अब अंतिम नोटिस जारी किया गया है।
पुनर्वास के बिना घर नहीं छोड़ेंगे
बस्तीवासियों ने कहा कि यदि विकास कार्यों के लिए उन्हें हटाना जरूरी है तो पहले सभी परिवारों के पुनर्वास, रहने की वैकल्पिक व्यवस्था, आजीविका और बच्चों की शिक्षा की समुचित व्यवस्था की जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि पुनर्वास के बिना किसी भी कीमत पर अपने घर नहीं छोड़ेंगे और आंदोलन जारी रखेंगे।


