खूंटी। झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (झालसा) के निर्देश और प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश-सह-जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (डीएलएसए), खूंटी के अध्यक्ष रसिकेश कुमार के मार्गदर्शन में शुक्रवार को मुरहू स्थित कस्तूरबा गांधी बालिका उच्च विद्यालय में विधिक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य छात्राओं को उनके कानूनी अधिकारों, बाल सुरक्षा, बाल संरक्षण कानूनों और निःशुल्क विधिक सहायता संबंधी जानकारी देना था।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डीएलएसए के असिस्टेंट लीगल एड डिफेंस काउंसिल निखिल मेहता ने नालसा की बाल हितैषी विधिक सेवाएं योजना-2024 की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत बच्चों को सुलभ, निःशुल्क और बाल-अनुकूल विधिक सेवाएं उपलब्ध कराई जाती हैं, ताकि आवश्यकता पड़ने पर उन्हें समयबद्ध कानूनी सहायता और परामर्श मिल सके।
बाल अधिकार और पॉक्सो कानून की दी जानकारी
निखिल मेहता ने बताया कि यदि कोई बच्चा हिंसा, शोषण, उपेक्षा, बाल विवाह, बाल श्रम, मानव तस्करी, यौन उत्पीड़न या किसी अन्य कानूनी समस्या का सामना करता है, तो वह स्वयं या अपने अभिभावक, शिक्षक अथवा किसी विश्वसनीय व्यक्ति के माध्यम से जिला विधिक सेवा प्राधिकरण से निःशुल्क कानूनी सहायता प्राप्त कर सकता है।
उन्होंने छात्राओं को यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम के उद्देश्य और प्रमुख प्रावधानों की जानकारी देते हुए कहा कि 18 वर्ष से कम आयु के प्रत्येक बच्चे को कानून के तहत विशेष संरक्षण प्राप्त है और बच्चों के विरुद्ध यौन अपराधों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई का प्रावधान है।
गुड टच और बैड टच को सरल भाषा में समझाया
कार्यक्रम के दौरान छात्राओं को गुड टच और बैड टच के बीच का अंतर भी सरल भाषा में समझाया गया। उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति अनुचित स्पर्श करता है या किसी भी प्रकार के यौन उत्पीड़न का प्रयास करता है, तो ऐसी स्थिति में छात्राओं को बिना किसी डर या संकोच के अपने माता-पिता, शिक्षक या किसी विश्वसनीय वयस्क को तुरंत जानकारी देनी चाहिए और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित अधिकारियों के समक्ष शिकायत दर्ज करानी चाहिए।
कार्यक्रम के अंत में छात्राओं के साथ कानूनी जागरूकता से जुड़े विभिन्न विषयों पर संवाद किया गया और उन्हें अपने अधिकारों के प्रति सजग रहने तथा समय पर सहायता लेने के लिए प्रेरित किया गया। इस अवसर पर विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाएं और बड़ी संख्या में छात्राएं उपस्थित रहीं।


