रांची। जेपीएससी और अन्य भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के विरोध में छात्रों के विधानसभा घेराव के बाद रांची प्रशासन ने पूरे घटनाक्रम को लेकर प्रेस वार्ता की। रांची के डीसी मंजूनाथ भजंत्री और एसएसपी राकेश रंजन ने आंदोलन के दौरान हुई घटनाओं और प्रशासन की कार्रवाई के बारे में जानकारी दी।
अधिकारियों ने कहा कि आंदोलन में शामिल अधिकांश छात्र शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। प्रशासन ने भी पूरे घटनाक्रम के दौरान संयम बनाए रखा। हालांकि, कुछ शरारती और असामाजिक तत्वों ने माहौल बिगाड़ने का प्रयास किया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने आवश्यकता के अनुसार न्यूनतम बल का इस्तेमाल किया।
डीसी बोले- शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे थे अधिकांश छात्र
डीसी मंजूनाथ भजंत्री ने कहा कि झारखंड के छात्र अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर रहे थे। प्रशासन की ओर से भी आंदोलन के दौरान संयम बरता गया। उन्होंने कहा कि प्रदर्शन में शामिल अधिकांश छात्रों ने अनुशासन बनाए रखा, लेकिन कुछ लोगों ने जानबूझकर माहौल को तनावपूर्ण बनाने की कोशिश की।
डीसी के मुताबिक, कुछ लोग पुलिसकर्मियों के साथ अभद्र भाषा का इस्तेमाल कर रहे थे और स्थिति बिगाड़ने का प्रयास कर रहे थे। ऐसे में जहां जरूरी लगा, वहां पुलिस ने न्यूनतम बल का प्रयोग कर स्थिति को नियंत्रित किया। उन्होंने कहा कि प्रशासन की पहली प्राथमिकता आंदोलन को शांतिपूर्ण बनाए रखना और कानून-व्यवस्था कायम रखना थी। किसी के खिलाफ अनावश्यक कार्रवाई नहीं की गई।
बंद में उपद्रव करने वालों पर होगी कार्रवाई
मंगलवार को प्रस्तावित झारखंड बंद को लेकर भी डीसी ने प्रशासन का रुख स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि लोगों को शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांग रखने का अधिकार है, लेकिन विधि-व्यवस्था बिगाड़ने, हिंसा, तोड़फोड़ या उपद्रव करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। ऐसे मामलों में पुलिस नियमानुसार कार्रवाई करेगी।
उन्होंने लोगों से अपील की कि बंद के दौरान शांति बनाए रखें और किसी भी तरह की अफवाह या उकसावे में न आएं। डीसी ने कहा कि आंदोलन में शामिल होने के लिए दूसरे जिलों से बड़ी संख्या में छात्र रांची पहुंचे हैं। यदि किसी छात्र को वापस अपने घर जाने में परेशानी होती है तो प्रशासन उसकी मदद करेगा। जरूरत पड़ने पर छात्रों को सुरक्षित घर भेजने के लिए हरसंभव सहयोग किया जाएगा।
स्कूलों के संचालन का फैसला प्रबंधन करेगा
बंद के दौरान स्कूलों के संचालन को लेकर डीसी ने कहा कि स्थानीय परिस्थितियों को देखते हुए संबंधित स्कूल प्रबंधन निर्णय लेगा। स्कूल खोलना है या बंद रखना है, इसका फैसला क्षेत्र की स्थिति का आकलन करने के बाद किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि बच्चों की सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण है और स्कूल प्रबंधन को इसी आधार पर निर्णय लेना होगा।
एसएसपी बोले- पुलिस ने बेहद संयम से संभाली स्थिति
एसएसपी राकेश रंजन ने कहा कि विधानसभा घेराव के दौरान पुलिस ने बेहद सीमित बल का इस्तेमाल किया। पुलिस लगातार संयम बरतते हुए स्थिति को संभालने का प्रयास कर रही थी। उनके अनुसार, कुछ लोगों ने जानबूझकर माहौल बिगाड़ने की कोशिश की। इस दौरान हुई घटनाओं में 14 पुलिसकर्मी घायल हुए हैं।
एसएसपी ने कहा कि पुलिसकर्मियों ने भी पूरी स्थिति में काफी संयम के साथ अपनी ड्यूटी निभाई। उन्होंने सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो को लेकर भी लोगों को सावधान किया। एसएसपी के मुताबिक, कुछ लोग घटनाक्रम के छोटे-छोटे वीडियो प्रसारित कर एक खास धारणा बनाने का प्रयास कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि अधूरे वीडियो के जरिए छात्रों को भड़काने और पूरे घटनाक्रम को अलग संदर्भ में पेश करने की कोशिश की जा सकती है। लोगों से अपील की गई कि वे किसी भी वीडियो या भ्रामक सूचना के आधार पर प्रतिक्रिया देने से पहले पूरे घटनाक्रम की जानकारी लें।
‘अधिकांश छात्रों ने रखा संयम’
जिला प्रशासन ने कहा कि पूरे आंदोलन का आकलन केवल कुछ घटनाओं के आधार पर नहीं किया जाना चाहिए। बड़ी संख्या में छात्रों ने शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगों को रखा और पूरे आंदोलन के दौरान संयम का परिचय दिया। हालांकि, कुछ लोगों की गतिविधियों के कारण कुछ स्थानों पर तनाव की स्थिति बनी।
डीसी और एसएसपी ने कहा कि प्रशासन आंदोलनकारियों के लोकतांत्रिक अधिकारों का सम्मान करता है, लेकिन कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ की अनुमति किसी को नहीं दी जा सकती। मंगलवार को प्रस्तावित बंद के दौरान भी प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर रखेगा। हिंसा, तोड़फोड़ या उपद्रव की स्थिति में नियमों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।


