रांची। मुख्यमंत्री आवास के घेराव की कोशिश को लेकर स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने भाजपा पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि सोमवार को भाजपा विधायकों ने मुख्यमंत्री आवास की सुरक्षा व्यवस्था को चुनौती देते हुए वहां हंगामे की स्थिति पैदा की। मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री और उनके परिवार की सुरक्षा के साथ किसी भी तरह का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
डॉ. इरफान अंसारी ने कहा कि लोकतंत्र में सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करना सभी का अधिकार है, लेकिन मुख्यमंत्री आवास का घेराव कर सुरक्षा व्यवस्था को चुनौती देना स्वीकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष से मामले में नियमों के तहत कड़ी कार्रवाई करने की मांग की।
‘बड़ी घटना होते-होते बची’
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन अपने परिवार और बच्चों के साथ मुख्यमंत्री आवास में रहते हैं। ऐसे में आवास तक पहुंचकर हंगामा करना गंभीर विषय है। उन्होंने कहा कि हेमंत सोरेन झारखंड के मुख्यमंत्री होने के साथ आदिवासी समाज के गौरव भी हैं। मुख्यमंत्री आवास की सुरक्षा व्यवस्था को किसी भी स्थिति में हल्के में नहीं लिया जा सकता।
मंत्री ने कहा कि भगवान का शुक्र है कि सोमवार को एक बड़ी घटना होते-होते बच गई। उन्होंने भाजपा विधायकों से सवाल किया कि उन्हें मुख्यमंत्री आवास तक पहुंचने और वहां हंगामा करने का अधिकार किसने दिया। उन्होंने कहा कि विरोध करना लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन संवैधानिक पद की गरिमा और सुरक्षा व्यवस्था को चुनौती देना अलग विषय है।
डॉ. इरफान अंसारी ने भाजपा की राजनीति को ‘अराजकता की राजनीति’ करार दिया। उन्होंने कहा कि यदि ऐसी घटनाओं पर समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो भविष्य में कोई भी व्यक्ति भीड़ के साथ संवैधानिक संस्थाओं या जनप्रतिनिधियों के आवास तक पहुंचकर कानून-व्यवस्था को चुनौती दे सकता है।
विधानसभा अध्यक्ष से कार्रवाई की मांग
मंत्री ने बताया कि उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष से मुख्यमंत्री आवास का घेराव करने वाले भाजपा विधायकों के खिलाफ नियमों के तहत कठोर कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि विधायक लोकतंत्र के प्रहरी होते हैं, कानून तोड़ने वाले नहीं। विधानसभा की गरिमा और लोकतांत्रिक मर्यादा से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर संरक्षण नहीं दिया जाना चाहिए।
युवाओं के आंदोलन पर भी बोले मंत्री
इरफान अंसारी ने कहा कि राज्य के युवा अपनी मांगों को लेकर लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन कर रहे हैं। सरकार युवाओं की समस्याओं का समाधान बातचीत और लोकतांत्रिक प्रक्रिया के माध्यम से करना चाहती है। उन्होंने भाजपा पर युवाओं के आंदोलन को राजनीतिक रंग देने का आरोप लगाया।
मंत्री ने कहा कि झारखंड की जनता हिंसा और राजनीतिक अराजकता नहीं, बल्कि शांति, विकास और रोजगार चाहती है।
जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा को लेकर प्रदर्शन
जेपीएससी-जेएसएससी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के विरोध में सोमवार को बड़ी संख्या में छात्र रांची में विधानसभा की ओर मार्च करते नजर आए। प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगों में जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा रद्द करना, कथित अनियमितताओं की सीबीआई जांच और भर्ती प्रक्रिया में सुधार शामिल हैं।
इसी दौरान भाजपा नेताओं ने भी मुख्यमंत्री आवास के बाहर प्रदर्शन किया। विपक्ष के नेता बाबूलाल मरांडी समेत भाजपा के कई नेताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया था। बाद में शाम को उन्हें छोड़ दिया गया।
‘कानून से ऊपर कोई नहीं’
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि युवाओं के आंदोलन की आड़ में राजनीतिक हिंसा या उपद्रव की कोशिश नहीं होनी चाहिए। उन्होंने भाजपा को चेतावनी देते हुए कहा कि कानून से ऊपर कोई नहीं है। झारखंड की जनता पूरे घटनाक्रम को देख रही है। लोकतंत्र में जनता सर्वोपरि है और कानून से ऊपर कोई नहीं, चाहे वह कितना भी बड़ा नेता या विधायक क्यों न हो।


