गुवाहाटी। असम में बाढ़ की स्थिति धीरे-धीरे सामान्य होने लगी है, लेकिन कई जिलों में अब भी बाढ़ का असर बना हुआ है। राज्य के 441 गांव पानी से घिरे हैं और 1,12,718 लोग प्रभावित हैं। कई इलाकों में लोग राहत शिविरों और तटबंधों पर प्लास्टिक के टेंट में रह रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्व सरमा लगातार हालात की समीक्षा कर रहे हैं और प्रभावित क्षेत्रों का दौरा भी कर रहे हैं।
दो नदियां अब भी खतरे के निशान से ऊपर
असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार धनसिरि नदी नुमलीगढ़ और कुसियारा नदी श्रीभूमि क्षेत्र में अब भी खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। अब तक बाढ़ से 102 लोगों की मौत हो चुकी है। गोलाघाट, शिवसागर, होजाई, जोरहाट, दरंग, लखीमपुर और नगांव जिलों के 25 राजस्व मंडलों के 441 गांव अभी भी प्रभावित हैं। लगभग 10,879 हेक्टेयर कृषि भूमि जलमग्न है।
राहत और बचाव कार्य जारी
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में एसडीआरएफ, डीडीआरएफ, पुलिस, अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवाएं, स्थानीय प्रशासन और प्रशिक्षित स्वयंसेवक राहत कार्य में जुटे हैं। सरकार ने 67 चिकित्सा टीमों को तैनात किया है। नावों के जरिए 121 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। बाढ़ से सड़क, पुल और अन्य आधारभूत ढांचों को भी व्यापक नुकसान पहुंचा है।


