मोतिहारी। महात्मा गांधी केंद्रीय विश्वविद्यालय के मीडिया अध्ययन विभाग में 2026 सत्र के बीए-एमए एकीकृत पांच वर्षीय पत्रकारिता एवं जनसंचार पाठ्यक्रम में नवप्रवेशित विद्यार्थियों के लिए प्रबोधन कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता विभागाध्यक्ष डॉ. अंजनी कुमार झा ने की।
कार्यक्रम के स्वागत उद्बोधन में आचार्य डॉ. साकेत रमण ने कहा कि मीडिया अध्ययन विभाग एक परिवार की तरह है। पत्रकारिता जीवन मूल्यों को सहेजने और सामाजिक सरोकारों से जुड़ने की यात्रा है। विभाग विद्यार्थियों की हर कदम पर सहायता करेगा।
आचार्य डॉ. परमात्मा कुमार मिश्र ने पत्रकारिता के महत्वपूर्ण पहलुओं पर चर्चा करते हुए विभाग की प्रयोगशाला और स्टूडियो की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि पत्रकारिता की पढ़ाई में कक्षा के भीतर संवाद बेहद जरूरी है।
पत्रकारिता तथ्य के जरिए सत्य की खोज : प्रो. अरुण कुमार भगत
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता बिहार लोक सेवा आयोग के पूर्व सदस्य एवं वरिष्ठ आचार्य प्रो. अरुण कुमार भगत ने स्वतंत्रता संग्राम के उदाहरणों के माध्यम से पत्रकारिता के महत्व को समझाया। उन्होंने कहा कि पत्रकारिता तथ्यों के जरिए सत्य की खोज है। लोकतंत्र को मजबूत करने में पत्रकारिता की महत्वपूर्ण भूमिका है।
अध्यक्षीय उद्बोधन में विभागाध्यक्ष डॉ. अंजनी कुमार झा ने विद्यार्थियों को पाठ्यक्रम की जानकारी देने के साथ मीडिया के बदलते आयामों और रैगिंग से संबंधित नियमों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि नए करियर विकल्पों के साथ पत्रकारिता के मूल्यों और तकनीक की समझ भी जरूरी है। सफलता हासिल करने के साथ अच्छा आचरण भी आवश्यक है।
कार्यक्रम का धन्यवाद ज्ञापन डॉ. सुनील दीपक घोड़के ने किया। मंच संचालन शोधार्थी रुचि भारती और तकनीकी समन्वय आशीष कुमार ने किया।
मीडिया अध्ययन विभाग में रिक्त सीटों पर ओपन काउंसलिंग
मीडिया अध्ययन विभाग में बीए-एमए एकीकृत पांच वर्षीय पाठ्यक्रम की रिक्त सीटों के लिए ओपन काउंसलिंग आयोजित की जाएगी। ओबीसी-एनसीएल की तीन, एससी की एक, एसटी की दो और सेल्फ फाइनेंस की 11 सीटें रिक्त हैं। आवेदन की अंतिम तिथि 20 अगस्त 2026 निर्धारित की गई है।
जिन विद्यार्थियों ने सीयूईटी-2026 नहीं दिया है, वे निर्धारित शुल्क जमा कर पंजीकरण कर सकते हैं। शुल्क, योग्यता और अन्य जानकारी के लिए केविवि की वेबसाइट देखने की अपील की गई है।


