नई दिल्ली। 14 अगस्त 1990 क्रिकेट इतिहास का यादगार दिन है। इसी दिन 17 साल के सचिन तेंदुलकर ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपना पहला शतक लगाया था। इंग्लैंड के खिलाफ मैनचेस्टर टेस्ट में सचिन ने नाबाद 119 रन की पारी खेलकर शतकों के उस सफर की शुरुआत की थी, जो आगे चलकर 100 अंतरराष्ट्रीय शतकों के ऐतिहासिक आंकड़े तक पहुंचा।
सचिन तेंदुलकर ने 2013 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लिया था। आज भी वह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे ज्यादा शतक लगाने वाले बल्लेबाज हैं। भारत के लिए उनके बल्ले से कुल 100 शतक निकले। इस सूची में विराट कोहली 85 शतकों के साथ दूसरे स्थान पर हैं। सचिन ने 1989 में भारत के लिए पदार्पण किया था और अगले ही साल उनके बल्ले से पहला अंतरराष्ट्रीय शतक आया।
सचिन तेंदुलकर ने खेली थी नाबाद 119 रन की पारी
भारतीय टीम उस समय इंग्लैंड के दौरे पर थी। चार टेस्ट मैचों की श्रृंखला का दूसरा मुकाबला मैनचेस्टर के ओल्ड ट्रैफर्ड मैदान पर खेला गया। पहली पारी में सचिन ने 68 रन बनाए थे। दूसरी पारी में छठे नंबर पर बल्लेबाजी करने उतरे सचिन ने 189 गेंदों का सामना करते हुए नाबाद 119 रन बनाए। उनकी पारी में 17 चौके शामिल थे।
मनोज प्रभाकर के साथ बचाया था टेस्ट मैच
चौथी पारी में भारत को जीत के लिए 408 रन का लक्ष्य मिला था। सलामी बल्लेबाज नवजोत सिंह सिद्धू बिना खाता खोले आउट हो गए। सचिन जब बल्लेबाजी के लिए आए, तब भारत का स्कोर चार विकेट पर 109 रन था। 183 रन के स्कोर पर छठा विकेट गिरने के बाद भारतीय टीम पर हार का खतरा मंडराने लगा।
इसके बाद सचिन ने मनोज प्रभाकर के साथ मिलकर पारी संभाली। दोनों ने सातवें विकेट के लिए नाबाद 160 रन की साझेदारी की और भारत को हार से बचा लिया। मुकाबला अंततः ड्रॉ पर समाप्त हुआ।
सबसे कम उम्र में शतक लगाने वाले भारतीय
सचिन ने 17 साल और 107 दिन की उम्र में अपना पहला अंतरराष्ट्रीय शतक लगाया था। वह आज भी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में शतक लगाने वाले सबसे कम उम्र के भारतीय बल्लेबाज हैं। टेस्ट क्रिकेट में उनसे कम उम्र में शतक लगाने वालों में बांग्लादेश के मोहम्मद अशरफुल और पाकिस्तान के मुश्ताक मोहम्मद शामिल हैं।
100 शतकों के साथ खत्म किया ऐतिहासिक सफर
2013 में संन्यास लेने तक सचिन तेंदुलकर के नाम 100 अंतरराष्ट्रीय शतक दर्ज हो चुके थे। टेस्ट क्रिकेट में उन्होंने 51 शतक और 15,921 रन बनाए। वह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज भी हैं। 14 अगस्त 1990 को मैनचेस्टर में खेली गई नाबाद 119 रन की पारी उनके इसी ऐतिहासिक शतकीय सफर का पहला अध्याय बनी थी।



