पलामू। नीलांबर-पीतांबर विश्वविद्यालय के परीक्षा विभाग के समन्वयक गौरव श्रीवास्तव ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। हालांकि, उनका इस्तीफा अभी स्वीकार नहीं किया गया है। गौरव श्रीवास्तव ने अपना इस्तीफा विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार को भेजा है। इससे पहले विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार डॉ. नफीस अहमद भी अपने पद से इस्तीफा दे चुके हैं। लगातार दो वरिष्ठ अधिकारियों के इस्तीफे से विश्वविद्यालय की प्रशासनिक और परीक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
गौरव श्रीवास्तव विश्वविद्यालय में सहायक प्राध्यापक के पद पर कार्यरत हैं। उन्हें परीक्षा विभाग के समन्वयक की जिम्मेदारी दी गई थी। परीक्षा संचालन से जुड़े कई महत्वपूर्ण कार्य उनके जिम्मे थे। इनमें परीक्षा का आयोजन, प्रश्नपत्रों की व्यवस्था और परिणाम जारी करने से संबंधित जिम्मेदारियां शामिल थीं। ऐसे में उनके इस्तीफे से विश्वविद्यालय की आगामी परीक्षा व्यवस्था पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।
निजी कारणों का दिया हवाला
गौरव श्रीवास्तव ने इस्तीफे के पीछे निजी कारणों का हवाला दिया है। उन्होंने बताया कि उन्होंने पद से इस्तीफा दे दिया है, लेकिन अभी तक इसे स्वीकार नहीं किया गया है। वह विश्वविद्यालय में सहायक प्राध्यापक के पद पर बने हुए हैं और अपनी मूल जिम्मेदारी पर वापस लौटना चाहते हैं।
पिछले कुछ दिनों में नीलांबर-पीतांबर विश्वविद्यालय के दो महत्वपूर्ण अधिकारियों के इस्तीफे से प्रशासनिक व्यवस्था चर्चा में है। विश्वविद्यालय के अंतर्गत पलामू, गढ़वा और लातेहार जिले के डिग्री कॉलेज आते हैं, जहां बड़ी संख्या में विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। ऐसे में परीक्षा और परिणाम से जुड़े कार्यों का समय पर पूरा होना विश्वविद्यालय के लिए महत्वपूर्ण है।
परीक्षा और रिजल्ट समय पर कराने की चुनौती
नीलांबर-पीतांबर विश्वविद्यालय में समय पर परीक्षाएं आयोजित कराने और परिणाम जारी करने की चुनौती पहले से बनी हुई है। परीक्षा समन्वयक के इस्तीफे के बाद यह चुनौती और बढ़ सकती है। छात्र संगठन आपसू ने भी चिंता जताई है। संगठन का कहना है कि परीक्षा समन्वयक के इस्तीफे से विश्वविद्यालय की परीक्षा व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका है और निर्धारित समय पर परीक्षाएं कराना विश्वविद्यालय प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती होगी।



