कोलकाता : आईपीएल के एक बेहद रोमांचक मुकाबले में कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) के हाथों मिली शिकस्त के बाद मुंबई इंडियंस के कप्तान हार्दिक पंड्या ने अपनी बल्लेबाजी और फील्डिंग को लेकर बड़ा बयान दिया है। हार्दिक ने माना कि उनकी टीम लगभग 20 रन कम बना सकी। उनके मुताबिक, अगर वह खुद या तिलक वर्मा में से कोई एक भी बल्लेबाज क्रीज पर थोड़ा और समय बिता लेता, तो मैच का नतीजा कुछ और हो सकता था।
पावरप्ले में ही बिखर गई थी मुंबई की पारी
इस मुकाबले में मुंबई इंडियंस की शुरुआत बेहद खराब रही और टीम ने पावरप्ले (शुरुआती 6 ओवर) में ही महज 46 रन पर अपने 4 मुख्य विकेट गंवा दिए थे। पूरी पारी के दौरान मुंबई की आठ साझेदारियों में से छह 20 रन का आंकड़ा भी पार नहीं कर सकीं। नतीजा यह हुआ कि मुंबई की टीम 147 रनों पर ही सिमट गई, जिसे केकेआर ने 7 गेंद शेष रहते आसानी से हासिल कर लिया।
कप्तान हार्दिक ने मैच के बाद कहा: “हम लगभग 20 रन पीछे रह गए। हमने पावरप्ले में ही बहुत ज्यादा विकेट खो दिए थे। अगर तिलक वर्मा या मैं थोड़ा और समय क्रीज पर बिताते और एक-दो अच्छी साझेदारियां हो जातीं, तो स्कोर में 15-20 रन अतिरिक्त जुड़ सकते थे। उस स्थिति में हमारे पास मुकाबला जीतने का अच्छा मौका होता।”
धीमी बल्लेबाजी और खराब स्ट्राइक रेट का रिकॉर्ड
मैच के मध्य ओवरों में हार्दिक और तिलक, दोनों ही रन बनाने के लिए संघर्ष करते दिखे। हार्दिक पंड्या ने 27 गेंदों में सिर्फ 26 रन बनाए, जबकि तिलक वर्मा ने 32 गेंदों पर केवल 20 रन की पारी खेली। आईपीएल के इतिहास में यह उन पारियों में सबसे खराब स्ट्राइक रेट में से एक दर्ज किया गया, जब नंबर 5 और 6 के बल्लेबाजों ने कम से कम 20-20 गेंदें खेली हों।
पिच को लेकर हार्दिक ने कहा कि उन्हें ऐसी चुनौतीपूर्ण विकेट्स पर खेलना पसंद है, जहां गेंदबाजों को भी मदद मिले, क्योंकि आजकल का आईपीएल पूरी तरह बल्लेबाजों के अनुकूल हो चुका है।
कैच छोड़ो, मैच छोड़ो: फील्डिंग पर बरसे कप्तान
कम स्कोर के बावजूद मुंबई के गेंदबाजों ने मैच में वापसी करा दी थी। 9 ओवर में केकेआर का स्कोर 73 रन पर 3 विकेट था, लेकिन इसके बाद मुंबई के फील्डर्स ने दो बेहद आसान कैच टपका दिए। इसका फायदा उठाकर रोवमैन पॉवेल और मनीष पांडेय ने 64 रनों की मैच जिताऊ साझेदारी कर डाली।
खराब फील्डिंग पर नाराजगी जताते हुए हार्दिक ने कहा, “मुझे समझ नहीं आ रहा कि फील्डिंग में क्या गलत हो रहा है। पूरे सीजन में हमारी फील्डिंग बेहद साधारण रही है। अगर आपको मैच जीतना है, तो आधे मौकों को भी भुनाना होता है। लेकिन जब आप ऐसे कैच छोड़ेंगे जो मैच का पासा पलट सकते हैं, तो आप हमेशा रेस में पीछे ही छूट जाएंगे।”
