झारखंड में उद्योगों के लिए भूमि के अलावा जियाडा की कार्यप्रणाली में सुधार की जरूरत :चेंबर

रांची । फेडरेशन ऑफ झारखंड चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के प्रतिनिधिमंडल ने गुरुवार को उद्योग सचिव अरवा राजकमल से मुलाकात कर राज्य में उद्योगों के प्रोत्साहन और औद्योगिक विकास से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की।

मौके पर चेंबर के सदस्योंे ने दावोस में आयोजित वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में संभावित निवेश प्रस्तावों को जल्दश धरातल पर उतारने और इसे झारखंड के औद्योगिक विकास के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि बनाने की आशा व्यक्त की।

चेंबर महासचिव रोहित अग्रवाल ने आग्रह किया कि नए निवेश के साथ-साथ राज्य के मौजूदा उद्योगों की समस्याओं के समाधान पर भी प्राथमिकता से ध्यान दिया जाए ताकि झारखंड में निवेश का वातावरण और अधिक सुदृढ़ और विश्वसनीय बन सके।

प्रतिनिधिमंडल ने भूमि की उपलब्धता के साथ ही जियाडा की कार्यप्रणाली में सुधार की जरूरत पर बल दिया। चेंबर अध्यक्ष ने बैठक में राज्य के फेसीलिटेशन काउंसिल की अनियमित बैठक और लंबित मामलों पर चिंता व्यक्त करते हुए झारखंड चेंबर को इसका सदस्य बनाए जाने का प्रस्ताव रखा, ताकि परिषद की कार्यप्रणाली अधिक प्रभावी हो सके।

सिंगल विंडो सिस्टम के प्रभावी क्रियान्वयन पर भी चर्चा

वहीं सिंगल विंडो सिस्टम के प्रभावी क्रियान्वयन पर भी चर्चा हुई। चैंबर के उद्योग उप समिति चेयरमैन बिनोद अग्रवाल ने कहा कि सिंगल विंडो प्रणाली का नेतृत्व विकास आयुक्त स्तर के अधिकारी को सौंपा जाए, ताकि सभी संबंधित विभाग उसके निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित करें। यह भी सुझाया गया कि नेशनल सिंगल विंडो सिस्टम से इसका इंटीग्रेशन किया जाए। इससे एक ही पॉइन्ट पर सारे क्लीयरेंसेस मिल जायेंगे। इस संदर्भ में पंजाब मॉडल का उदाहरण दिया गया। उद्योग सचिव ने आश्वस्त किया कि जल्दस ही सिंगल पॉइंट ऑफ क्लियरेंस प्रणाली को लागू किया जाएगा।

इसके अलावा राज्य में औद्योगिकीकरण को गति देने के लिए मुख्य सचिव या विकास आयुक्त की अध्यक्षता में एक इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट काउंसिल के गठन का सुझाव भी दोहराया गया, जिसमें सभी संबंधित विभागों और उद्योग संगठनों को प्रतिनिधित्व दिया जाए। एनर्जी उप समिति चेयरमैन बिनोद तुलस्यान ने औद्योगिक क्षेत्रों, विशेषकर तुपुदाना औद्योगिक क्षेत्र में पानी, स्ट्रीट लाइट एवं ड्रेनेज जैसी मूलभूत सुविधाओं के अभाव का मुद्दा प्रमुखता से उठाया।

उद्योग निदेशक के अधीन जल्द ही होगी बैठक : उद्योगसचिव

सह सचिव रोहित पोद्दार ने उद्योग विभाग और स्टेकहोल्डर्स के बीच बेहतर समन्वय के लिए को-ऑर्डिनेशन कमिटी गठित करने का सुझाव दिया, जिसकी प्रत्येक तीन माह में नियमित बैठक हो। उद्योग सचिव ने आश्वस्त करते हुए कहा कि उद्योग निदेशक के अधीन जल्द ही बैठक को शुरू किया जायेगा।

प्रतिनिधिमंडल ने राज्य में क्लस्टर आधारित औद्योगिक विकास की जरूरत पर भी बल दिया। यह कहा गया कि वर्तमान में उद्योगों का फोकस मुख्यतः रांची और आदित्यपुर इंडस्ट्रियल एरिया तक सीमित है। यह सुझाया गया कि अन्य जिलों विशेषकर पलामू जैसे पिछड़े क्षेत्रों में उद्योग स्थापित करने के लिए अतिरिक्त सब्सिडी एवं विशेष प्रोत्साहन दिए जाएं, ताकि संतुलित औद्योगिक विकास सुनिश्चित हो सके। उद्योग सचिव ने इस विषय पर पॉलिसी लाने की बात कही। लैंड बैंक के मुद्दे पर प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि जियाडा के पास भूमि उपलब्ध है, लेकिन कई स्थानों पर पजेशन की प्रक्रिया लंबित है। सुझाया गया कि उपलब्ध भूमि का शीघ्र अधिग्रहण और पजेशन सुनिश्चित कर उद्योगों को आवंटित किया जाए। इससे राज्य में निवेश और रोजगार के अवसरों में वृद्धि होगी।

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