विधेयक पर भाजपा की हार मोदी सरकार के पतन की शुरुआत : ममता

कोलकाता। हावड़ा जिले के पांचला क्षेत्र में आयोजित चुनावी जनसभा को संबोधित करते हुए ममता बनर्जी ने कहा कि पश्चिम बंगाल में चुनाव होने के बावजूद तृणमूल कांग्रेस के सांसद संसद पहुंचे और विधेयक का विरोध करते हुए मतदान किया। उन्होंने कहा कि विपक्षी एकजुटता में उनकी पार्टी की महत्वपूर्ण भूमिका रही। ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि महिला आरक्षण विधेयक के नाम पर केंद्र सरकार वास्तव में डिलिमिटेशन का एजेंडा आगे बढ़ाना चाहती थी। उन्होंने दावा किया कि भाजपा लोकसभा की मौजूदा 543 सीटों को बढ़ाकर लगभग 850 करना चाहती थी, ताकि राजनीतिक समीकरण अपने पक्ष में बदले जा सकें। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में चुनाव प्रचार के बावजूद उनसे 20 सांसद भेजने को कहा गया था, लेकिन उन्होंने 21 सांसद दिल्ली भेजे। उन्होंने कहा कि यह भाजपा को हराने की रणनीति का हिस्सा था और विपक्ष ने संसद में भाजपा को पराजित किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि संसद में मिली हार के बाद अब भाजपा को जमीन पर भी पराजय का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने दावा किया कि बंगाल हमेशा देश को रास्ता दिखाता है और इस बार भी बंगाल से भाजपा को सत्ता से हटाने की लड़ाई शुरू होगी। ममता बनर्जी ने कहा कि उनकी पार्टी महिलाओं के अधिकारों और आरक्षण के पक्ष में है, लेकिन देश को बांटने वाली किसी भी नीति का समर्थन नहीं करेगी। उन्होंने भाजपा पर भ्रामक प्रचार और झूठ फैलाने का आरोप भी लगाया। उन्होंने कार्यकर्ताओं और समर्थकों से आह्वान किया कि पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस की जीत सुनिश्चित कर भाजपा को कड़ा संदेश दिया जाए। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने दावा किया है कि डिलिमिटेशन (परिसीमन) विधेयक को लेकर संसद में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की हार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार के पतन की शुरुआत है। उन्होंने कहा कि भाजपा देश के राज्यों के साथ राजनीतिक लाभ के लिए लोकसभा सीटों के पुनर्निर्धारण की साजिश कर रही थी, जिसे विपक्ष ने मिलकर विफल कर दिया।

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