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गैंगरेप के बाद जन्मे बच्चे ने मां को 28 साल बाद दिलाया न्याय, घटना के दौरान 12 साल की थी पीड़िता

शाहजहांपुर: उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर जिले से गैंगरेप पीड़िता को 28 साल बाद न्याय मिला है। हैरानी की बात यह है कि गैंगरेप से जम्मे बच्चे ने ही आरोपी सजा के मुकाम पर पहुंचाया है। हालांकि इस लड़ाई में उसे 28 साल का समय लगा गया।दरअसल, 12 साल की किशोरी के साथ दो सगे भाईयों ने गैंगरेप की घटना को अंजाम था। उसके बाद पीड़िता को डरा धमका कर उसकी आवाज को बंद करा दिया था। लेकिन पीड़िता इस बीच पेट से हो गई थी उसके बाद उसके बेटे को जन्म दिया। जब बेटा बड़ा हुआ तो उसने पिता के बारे में मां से पूछा फिर मां ने बेटे को पूरी सच्चाई बताई तो बेटे के पैरो तले से जमीन खिसक गए। उसके बाद बेटे ने 28 साल बाद बेटे की तहरी पर यूपी पुलिस ने न सिर्फ प्राथमिकी दर्ज की, बल्कि आरोपित को भी गिरफ्तार कर के जेल भेजा। नगर पुलिस अधीक्षक संजय कुमार ने जानकारी दी कि 1994 में दो सगे भाइयों ने 12 साल की नाबालिग के साथ गैंगरेप किया था। उसके बाद पीड़िता ने एक बेटे को भी जन्म दिया।

मां को न्याय देने के लिए कानून का लिया सहारा
अपनी मां को न्याय दिलाने के लिए कानून का सहारा लिया। 4 मार्च, 2021 को थाना सदर बाजार में इस मामले की FIR दर्ज की गई थी। दोनों आरोपितों में से एक गुड्डू हसन को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि नकी हसन फरार चल रहा है। 48 वर्षीय मोहम्मद राज़ी उर्फ़ गुड्डू हसन हैदराबाद में रह रहा था। पुलिस ने बताया कि उसके भाई नकी हसन का लोकेशन ओडिशा में कहीं ट्रेस हुआ है।

आरोपियों ने कबूला अपना जुर्म
पुलिस ने उसे भी जल्द गिरफ्तार कर लेने का आश्वासन दिया है। इंस्पेक्टर धर्मेंद्र गुप्ता ने कहा कि गिरफ्तार आरोपित ने अपना अपराध कबूल कर लिया है और उसने कहा कि उसे कभी इसकी उम्मीद नहीं थी कि इतने सालों बाद ये केस फिर से खुल जाएगा। महिला दोनों भाइयों और उनके परिवार की परिचित थी, जिसका उन्होंने कई बार गैंगरेप किया था। बेटे के जन्म के बाद उसे उसको छोड़ने के लिए मजबूर किया गया था।

घटना पर बोले SSP एस आनंद
शाहजहांपुर के SSP एस आनंद ने पीड़िता को आरोपियों ने डरा धमका कर चुप करा दिया था। FIR कराने पर जान से मारने की धमकी दी थी, लेकिन, फिर उसी बेटे ने बड़े होकर आरोपितों को ढूंढ निकालने के लिए प्रयास शुरू किया और कानूनी लड़ाई लड़ी। अदालत के आदेश पर FIR दर्ज हुई। उन्होंने कहा कि लेकिन आरोपियों के नाम-पता स्पष्ट नहीं थे। उन्होंने कहा कि चूंकि महिला ने बचपन में काफी कुछ झेला था, इसलिए पुलिस ने न्याय दिलाने के लिए कोशिश शुरू की।

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