धनबाद। पूर्व मध्य रेलवे कर्मचारी यूनियन (ईसीआरकेयू) के महामंत्री एस.एन.पी. श्रीवास्तव ने रेलवे के मुख्य लोको निरीक्षक (सीएलआई) एवं कोडरमा के पूर्व प्रभारी स्वर्गीय बी. चम्पिया के असामयिक निधन पर कोडरमा लॉबी पहुंचकर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान बड़ी संख्या में रेलकर्मियों ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।
निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग
श्रद्धांजलि सभा में यूनियन के वरिष्ठ नेता बी.के. सिंह, अपर महामंत्री एवं एआईआरएफ वर्किंग कमेटी सदस्य मोहम्मद जियाउद्दीन, कोडरमा शाखा सचिव बी.बी. सिंह सहित बड़ी संख्या में रनिंग स्टाफ और रेलकर्मी मौजूद रहे।
ईसीआरकेयू के मंडल मीडिया प्रभारी नीलकमल खवास ने बताया कि सभा को संबोधित करते हुए यूनियन नेताओं ने स्वर्गीय बी. चम्पिया के निधन को रेलवे परिवार के लिए अपूरणीय क्षति बताया।
अपर महामंत्री मोहम्मद जियाउद्दीन ने कहा कि उन्हें मिली जानकारी के अनुसार स्वर्गीय बी. चम्पिया पिछले कुछ दिनों से मानसिक दबाव में कार्य कर रहे थे। इसी दौरान ड्यूटी के समय ट्रेन की चपेट में आने से उनकी मृत्यु हो गई। हालांकि, इस संबंध में आधिकारिक जांच जारी है।
महामंत्री एस.एन.पी. श्रीवास्तव ने कहा कि पूरे मामले की निष्पक्ष, पारदर्शी और समयबद्ध जांच कराने की मांग रेलवे प्रशासन के समक्ष मजबूती से उठाई जाएगी। उन्होंने कहा कि जांच किसी स्वतंत्र विभाग के सक्षम अधिकारियों से कराई जानी चाहिए, ताकि इसकी निष्पक्षता बनी रहे।
उन्होंने यह भी मांग की कि जांच पूरी होने तक संबंधित आरोपित अधिकारी को वर्तमान पद से हटाकर अन्यत्र स्थानांतरित किया जाए, जिससे जांच किसी भी प्रकार से प्रभावित न हो। श्रीवास्तव ने कहा कि इस मुद्दे को हाजीपुर स्थित महाप्रबंधक कार्यालय, रेलवे बोर्ड तथा एआईआरएफ के महासचिव शिवगोपाल मिश्रा के समक्ष भी उठाया जाएगा। यदि जांच में कोई अधिकारी दोषी पाया जाता है तो उसके विरुद्ध नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की मांग की जाएगी।
आश्रितों को हर संभव सहायता का भरोसा
यूनियन नेताओं ने आश्वासन दिया कि स्वर्गीय बी. चम्पिया के परिजनों को रेलवे नियमों के अनुसार सभी देय आर्थिक लाभ दिलाने और उनकी पत्नी को अनुकंपा के आधार पर शीघ्र नियुक्ति दिलाने के लिए हरसंभव प्रयास किए जाएंगे।
सभा के अंत में सभी ने दिवंगत आत्मा की शांति और शोकाकुल परिवार को इस कठिन समय में धैर्य एवं संबल प्रदान करने की प्रार्थना की।
