कानपुर। गुरु पूर्णिमा के अवसर पर बुधवार तड़के से ही कानपुर के प्रमुख गंगा घाटों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। सरसैया घाट, परमट, नानाराव जाजमऊ, गंगा बैराज और बिठूर घाट सहित विभिन्न घाटों पर हजारों श्रद्धालुओं ने ब्रह्म मुहूर्त में गंगा स्नान कर पूजा-अर्चना की और अपने गुरु का आशीर्वाद प्राप्त किया।
श्रद्धालुओं ने सूर्य को अर्घ्य अर्पित कर परिवार की सुख-समृद्धि और मंगल की कामना की। घाटों पर सुबह से ही ‘हर-हर गंगे’ और ‘गुरु देव की जय’ के जयघोष से पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहा।
घाटों पर पुलिस, जल पुलिस और गोताखोर तैनात
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने सभी प्रमुख घाटों पर व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की। पुलिस, जल पुलिस, पीएसी, गोताखोरों और मोटरबोट की तैनाती की गई, ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके। नगर निगम ने घाटों की साफ-सफाई और पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित की, जबकि स्वास्थ्य विभाग ने एंबुलेंस और चिकित्सा टीमों को मौके पर तैनात रखा।
बिठूर घाट का किया गया निरीक्षण
पुलिस उपायुक्त (पश्चिम) एस.एम. कासिम आबिदी ने सहायक पुलिस आयुक्त कल्याणपुर के साथ बिठूर घाट का निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। उन्होंने यातायात प्रबंधन, श्रद्धालुओं की सुरक्षा और अन्य व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए ड्यूटी पर तैनात अधिकारियों और कर्मचारियों को पूरी सतर्कता के साथ दायित्व निभाने के निर्देश दिए।
सनातन परंपरा में गुरु पूर्णिमा का विशेष महत्व
सनातन परंपरा में गुरु पूर्णिमा को विशेष महत्व प्राप्त है। मान्यता है कि इस दिन गंगा स्नान, पूजा-अर्चना और गुरु वंदन करने से ज्ञान, सद्बुद्धि और जीवन में सफलता का आशीर्वाद मिलता है। इसी आस्था के चलते कानपुर के गंगा घाटों पर सुबह से देर तक श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा।


