मियामी। फीफा विश्व कप 2026 में अमेरिकी स्ट्राइकर फोलारिन बालोगुन को मिले रेड कार्ड को लेकर विवाद गहराने के बीच फीफा ने ब्राज़ीलियाई रेफरी राफेल क्लॉस का खुलकर समर्थन किया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा रेफरी की निष्पक्षता पर सवाल उठाए जाने के बाद फीफा ने कहा कि क्लॉस विश्व के सर्वश्रेष्ठ रेफरियों में शामिल हैं और उनकी ईमानदारी व पेशेवर क्षमता पर संगठन को पूरा भरोसा है।
रेड कार्ड से शुरू हुआ विवाद, बाद में हटाया गया प्रतिबंध
राउंड ऑफ-32 मुकाबले में बोस्निया और हर्जेगोविना के खिलाफ खेलते हुए फोलारिन बालोगुन को वीएआर समीक्षा के बाद रेड कार्ड दिखाया गया था। रेफरी राफेल क्लॉस ने उन्हें तारिक मुहरेमोविच के टखने पर स्टड मारने का दोषी मानते हुए मैदान से बाहर भेज दिया था।
हालांकि बाद में फीफा ने बालोगुन पर लगाया गया एक मैच का प्रतिबंध हटा दिया, जिससे वह बेल्जियम के खिलाफ राउंड ऑफ-16 मुकाबले में खेलने के लिए उपलब्ध हो गए।
ट्रंप ने उठाए सवाल, फीफा ने किया पलटवार
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस फैसले पर सवाल उठाते हुए कहा कि उन्होंने इसकी समीक्षा कराने को कहा था। उन्होंने दावा किया कि यदि रेफरी के पुराने रिकॉर्ड देखे जाएं तो वे “संदिग्ध” नजर आते हैं। हालांकि उन्होंने अपने आरोपों के समर्थन में कोई ठोस प्रमाण नहीं दिया।
इसके जवाब में फीफा ने आधिकारिक बयान जारी कर कहा कि राफेल क्लॉस विश्व फुटबॉल के प्रमुख पेशेवर रेफरियों में शामिल हैं और फीफा के एलीट रेफरी समूह “टीम वन” के सम्मानित सदस्य हैं। संगठन ने कहा कि उन्होंने अपने पूरे करियर में उच्च स्तर की निष्पक्षता और पेशेवर आचरण का परिचय दिया है। साथ ही स्पष्ट किया गया कि टूर्नामेंट की नीति के अनुसार रेफरी इस मामले पर मीडिया से कोई टिप्पणी नहीं करेंगे।
इंफैन्टिनो और कोलिना ने जताया भरोसा
फीफा अध्यक्ष जियानी इंफैन्टिनो ने कहा कि फुटबॉल में रेफरियों और खेल के नियमों का सम्मान बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि रेफरी नहीं होंगे तो फुटबॉल भी नहीं होगा।
वहीं फीफा के मुख्य रेफरी अधिकारी पियरलुइगी कोलिना ने कहा कि राफेल क्लॉस अपने दूसरे फीफा विश्व कप में रेफरिंग कर रहे हैं। इससे पहले वह 2022 कतर विश्व कप में भी जिम्मेदारी निभा चुके हैं और संगठन को उनकी क्षमता पर पूरा विश्वास है।
600 से अधिक मैचों का अनुभव
46 वर्षीय राफेल क्लॉस अपने करियर में 600 से अधिक मुकाबलों में रेफरिंग कर चुके हैं। विवाद के बावजूद फीफा ने साफ कर दिया है कि वह अपने अधिकारी के साथ मजबूती से खड़ा है। उधर, प्रतिबंध हटने के बाद अमेरिका के मुख्य कोच मॉरिसियो पोचेटिनो ने फोलारिन बालोगुन को बेल्जियम के खिलाफ राउंड ऑफ-16 मुकाबले की प्लेइंग इलेवन में शामिल किया।
