बोकारो। बोकारो थर्मल रेलवे स्टेशन पर गुरुवार देर रात कोयला लदी मालगाड़ी के एक वैगन में आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। हालांकि लोको पायलट की सतर्कता और रेलवे प्रशासन की त्वरित कार्रवाई से बड़ा हादसा टल गया।
कुशमाही से चंद्रपुरा थर्मल पावर स्टेशन जा रही मालगाड़ी के तीसरे वैगन से धुआं निकलने के बाद आग की लपटें दिखाई दीं।
जांच के दौरान मिली आग की जानकारी
बताया गया कि रात करीब 11 बजे शिफ्ट बदलने के दौरान नए लोको पायलट ने इंजन नंबर 33397 और 33350 से जुड़ी मालगाड़ी की जांच की। इसी दौरान वैगन से धुआं निकलता दिखाई दिया।
लोको पायलट ने तुरंत इसकी सूचना स्टेशन मास्टर मिथिलेश कुमार यादव को दी। इसके बाद रेलवे प्रशासन ने राहत और बचाव कार्य शुरू किया।
दमकल टीम ने पाया आग पर काबू
आग की सूचना मिलते ही डीवीसी बोकारो थर्मल पावर प्लांट की सीआईएसएफ दमकल टीम मौके पर पहुंची। टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया।
समय रहते कार्रवाई होने से आग दूसरे वैगनों तक नहीं फैल सकी और बड़ी घटना टल गई।
कोयले की चिंगारी से आग लगने की आशंका
स्टेशन मास्टर मिथिलेश कुमार यादव ने बताया कि प्रारंभिक जांच में कोयले की लोडिंग के दौरान घर्षण या टकराव से निकली चिंगारी को आग लगने का संभावित कारण माना जा रहा है। घटना की जानकारी मंडल रेल प्रबंधक (डीआरएम) को भेज दी गई है।
सुरक्षा के लिए बदला गया मालगाड़ी का मार्ग
आग बुझने के बाद रेलवे ने एहतियात के तौर पर मालगाड़ी का मार्ग बदल दिया। इसे चंद्रपुरा थर्मल पावर स्टेशन की जगह कोडरमा थर्मल पावर स्टेशन के लिए रवाना किया गया।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, यह कदम सुरक्षित कोयला परिवहन सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है।

