आगरा : उत्तर प्रदेश के आगरा जिले में प्रधानी चुनाव को लेकर चली आ रही पुरानी रंजिश में सोमवार रात एक पूर्व प्रधान की कार को घेरकर ताबड़तोड़ फायरिंग की गई। इस दुस्साहसिक हमले में पूर्व प्रधान की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उनका सगा भाई गोलियां लगने से गंभीर रूप से घायल हो गया। परिजनों ने इस जघन्य हत्याकांड का सीधा आरोप गांव के वर्तमान प्रधान पक्ष पर लगाया है। सूचना मिलते ही मौके पर पहुँची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और घायल को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया है।
कार का पीछा कर ताबड़तोड़ फायरिंग, अस्पताल में पूर्व प्रधान मृत घोषित
पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, शाहपुर गुर्जर गांव (थाना चित्राहट) निवासी दो सगे भाई अवनीश यादव (50 वर्ष) और उपेंद्र यादव उर्फ मलिक यादव (45 वर्ष) सोमवार रात करीब साढ़े नौ बजे आगरा से कार द्वारा जैतपुर कस्बा जा रहे थे। इसी दौरान जैतपुर थाना क्षेत्र के प्यामपुरा गांव के समीप एक कार और मोटरसाइकिल पर सवार हमलावरों ने उनकी गाड़ी का पीछा कर उन्हें चारों तरफ से घेर लिया। कार रुकते ही हमलावरों ने अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। सूचना पर पहुँची पुलिस ने दोनों घायल भाइयों को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जैतपुर पहुँचाया, जहाँ डॉक्टरों ने पूर्व प्रधान अवनीश यादव को मृत घोषित कर दिया। वहीं, गंभीर रूप से घायल उपेंद्र यादव का इलाज एसएन मेडिकल कॉलेज में चल रहा है।
साल भर पहले भी मारी थी गोली, कोर्ट की तारीख से लौट रहे थे भाई
मृतक के भतीजे टिंकू और ग्रामीणों ने बताया कि अवनीश यादव वर्ष 2016 में शाहपुर गुर्जर के प्रधान रह चुके थे, जबकि वर्तमान में आरोपी इंद्रराज यादव की पत्नी सुनीता देवी वहां की प्रधान हैं। चुनावी रंजिश के कारण ही अवनीश का परिवार गांव छोड़कर जैतपुर में रहता था। इससे पहले 24 जनवरी 2025 को भी आरोपी इंद्रराज पक्ष ने उपेंद्र यादव को रास्ते में रोककर मारपीट की थी और पेट में गोली मार दी थी, जिसका मुकदमा थाने में दर्ज है। सोमवार को दोनों भाई इसी पुराने मुकदमे की तारीख पर आगरा कोर्ट गए थे। शाम को गांव में अपनी खेती-बाड़ी का काम देखने के बाद जब वे वापस जैतपुर लौट रहे थे, तभी घात लगाकर बैठे विरोधियों ने इस वारदात को अंजाम दे दिया।
हमलावरों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें गठित, विधिक कार्रवाई जारी
मंगलवार को इस सनसनीखेज हत्याकांड के संबंध में आधिकारिक जानकारी देते हुए पूर्वी जोन के डीसीपी अभिषेक अग्रवाल ने बताया कि प्राथमिक जांच में हत्या का मुख्य कारण प्रधानी चुनाव से उपजी आपसी रंजिश ही सामने आया है। उन्होंने बताया कि परिजनों की तहरीर के आधार पर नामजद आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर विधिक कार्रवाई की जा रही है। हमलावरों की त्वरित गिरफ्तारी के लिए पुलिस की कई विशेष टीमें गठित की गई हैं, जो संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। डीसीपी ने दावा किया कि जल्द ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जाएगा।
