रांची : झारखंड की राजधानी रांची में बांग्ला संस्कृति और कला का संगम होने जा रहा है। ‘बंगाली युवा मंच चैरिटेबल ट्रस्ट’ द्वारा 08 मई से 10 मई तक बिरसा मुंडा स्मृति उद्यान (जेल पार्क) में बांग्ला सांस्कृतिक मेला-2026 का भव्य आयोजन किया जाएगा। ट्रस्ट के संरक्षक सुप्रियो भट्टाचार्य ने संवाददाता सम्मेलन में बताया कि यह मेला गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर की 165वीं जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित हो रहा है।
मेले का मुख्य आकर्षण और कार्यक्रम
मेले का उद्घाटन 8 मई की सुबह 10 बजे ध्वजारोहण के साथ होगा। इस तीन दिवसीय उत्सव में सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ-साथ कई प्रतियोगिताएं भी होंगी:
8 मई (शुक्रवार): सुबह बांग्ला परंपरा के अनुसार शंख ध्वनि और उलू ध्वनि प्रतियोगिता होगी। शाम 7 बजे राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार और मंत्री योगेंद्र प्रसाद औपचारिक उद्घाटन करेंगे, जिसके बाद कोलकाता की कलाकार अंकिता बनर्जी अपनी प्रस्तुति देंगी।
9 मई (शनिवार): यह दिन पूरी तरह गुरुदेव टैगोर को समर्पित होगा। सुबह उनकी जीवनी पर साहित्य संवाद होगा। शाम को विधानसभा अध्यक्ष रवींद्रनाथ महतो की उपस्थिति में सामूहिक बांग्ला गीत और रांची की संस्था ‘नृत्यशाला’ द्वारा नृत्य पेश किया जाएगा। मुख्य आकर्षण कोलकाता की निलंजना घोष और दीप चटर्जी की प्रस्तुति होगी।
10 मई (रविवार): अंतिम दिन सुबह बच्चों के लिए ड्राइंग प्रतियोगिता होगी। शाम को का़या बैंड (Kaya Band) की धूम रहेगी और सैक्सोफोन व सितार की जुगलबंदी होगी। समापन समारोह में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने की संभावना है।
बंगाल का खान-पान और हस्तशिल्प
मेले में संस्कृति के साथ-साथ खरीदारी और जायके का भी खास ख्याल रखा गया है:
मेला परिसर में कुल 50 स्टॉल लगाए जाएंगे।
यहाँ आगंतुक प्रसिद्ध बंगाली व्यंजनों का लुत्फ उठा सकेंगे।
साथ ही बंगाली परिधान (साड़ियां) और पारंपरिक ज्वैलरी के स्टॉल भी आकर्षण का केंद्र होंगे।
सुप्रियो भट्टाचार्य ने बताया कि मेले में प्रवेश पूरी तरह निशुल्क रखा गया है, ताकि अधिक से अधिक रांचीवासी बंगाल की समृद्ध विरासत का अनुभव कर सकें।
