रांची। झारखंड में 77वां गणतंत्र दिवस पूरे उत्साह, गरिमा और देशभक्ति के माहौल में मनाया गया। इस अवसर पर राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने राजधानी रांची के मोरहाबादी मैदान में राष्ट्रीय ध्वज फहराया और भव्य परेड की सलामी ली। अपने संबोधन में उन्होंने राज्यवासियों से एकजुट होकर समृद्ध, खुशहाल और सशक्त झारखंड के निर्माण का संकल्प लेने का आह्वान किया।
राज्यपाल ने कहा कि गणतंत्र दिवस राष्ट्र की संप्रभुता और लोकतांत्रिक मूल्यों का गौरवगान करने का दिन है। यह उन स्वतंत्रता सेनानियों को स्मरण करने का अवसर भी है, जिन्होंने अपने त्याग और बलिदान से देश को आज़ादी दिलाई और इस महान गणतंत्र की नींव रखी।
उन्होंने कहा कि 26 जनवरी 1950 को संविधान लागू होने के साथ ही भारत के सुनहरे भविष्य की आधारशिला रखी गई। भारत का संविधान अतीत के अनुभवों, वर्तमान की जरूरतों और भविष्य की चुनौतियों को ध्यान में रखकर बनाया गया है और यह दुनिया के सर्वश्रेष्ठ संविधानों में से एक है। 76 वर्षों की लोकतांत्रिक यात्रा यह प्रमाण है कि भारत एक सफल लोकतांत्रिक गणतंत्र के रूप में स्थापित हो चुका है। ‘वसुधैव कुटुंबकम्’ की भावना से प्रेरित यह संविधान मानव कल्याण और विश्व-बंधुत्व का संदेश देता है।
राज्यपाल ने अपने संबोधन में कहा कि झारखंड अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित रखते हुए प्रगतिशील सोच के साथ विकास के पथ पर अग्रसर है। जनता की सहभागिता और रचनात्मक सहयोग से राज्य के नव-निर्माण के मार्ग में आने वाली हर चुनौती का सामना किया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि झारखंड आज आधारभूत संरचना, ऊर्जा, उद्योग-धंधों, शिक्षा, स्वास्थ्य और कृषि सहित हर क्षेत्र में निरंतर प्रगति कर रहा है। अपने समृद्ध खनिज संसाधनों के कारण झारखंड को ‘रत्नगर्भा’ कहा जाता है और यह धरती न केवल राज्य, बल्कि पूरे राष्ट्र के विकास में योगदान दे रही है।
राज्यपाल ने अपने संबोधन में राज्य सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं और विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने के लिए किए जा रहे प्रयासों की भी चर्चा की। उन्होंने बताया कि राज्य में पेसा नियमावली लागू कर दी गई है, जो जनजातीय विकास के लिए मील का पत्थर साबित होगी।
मुख्यमंत्री मंईया सम्मान योजना का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि यह योजना माताओं, बहनों और बेटियों के सम्मान, स्वाभिमान, स्वावलंबन और सुरक्षा को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। वर्तमान में इस योजना के तहत 51 लाख से अधिक महिलाओं को प्रतिमाह 2500 रुपये की सहायता दी जा रही है।
राज्यपाल ने कहा कि राज्य में लगभग तीन लाख सखी मंडलों का गठन किया जा चुका है। इन्हें 466 करोड़ रुपये चक्रीय निधि और 2300 करोड़ रुपये सामुदायिक निवेश निधि के रूप में उपलब्ध कराए गए हैं। सरकारी क्षेत्र में रिक्त पदों को तेजी से भरने की प्रक्रिया चल रही है। नेतरहाट आवासीय विद्यालय की तर्ज पर पश्चिम सिंहभूम, बोकारो और दुमका में तीन नए विद्यालय शुरू करने की स्वीकृति दी गई है। व्यावसायिक शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए 803 विद्यालयों में इसकी शुरुआत की गई है।
राज्यपाल ने कहा कि गुरुजी स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना के माध्यम से छात्रों को उच्च शिक्षा में आने वाली आर्थिक बाधाओं को दूर किया जा रहा है। स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार पर जोर देते हुए राज्यपाल ने बताया कि सुपर स्पेशलिटी रिम्स-2 का निर्माण किया जा रहा है। इसके अलावा पीपीपी मोड पर पूर्वी सिंहभूम, खूंटी, गिरिडीह, देवघर, जामताड़ा और धनबाद में छह नए मेडिकल कॉलेजों का निर्माण कार्य प्रगति पर है।
गणतंत्र दिवस के अवसर पर राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने विशिष्ट सेवा के लिए पुलिस अधिकारियों और कर्मियों को झारखंड राज्यपाल पदक से सम्मानित किया।
सम्मानित पुलिस अधिकारी एवं कर्मी:
आईपीएस प्रभात कुमार, आईजी विशेष शाखाआईपीएस अश्विनी कुमार सिन्हा, डीआईजी संचार एवं तकनीकी सेवाएंइंस्पेक्टर असीत कुमार मोदी, रांची जिलादारोगा गणेश चंद्र पान, झारखंड जगुआरएएसआई श्याम कुमार, देवघर जिला बलएएसआई नौशाद अली, बोकारो जिला बलसिपाही सचिन सुब्बा, झारखंड जगुआरसिपाही राजू कुमार छेत्री, झारखंड जगुआर–
