रांची। खंडपीठ ने चतरा एसपी को निर्देश दिया कि वो मो. अब्दुल हकीम को गिरफ्तार कर एक अप्रैल को अदालत में प्रस्तुत करें। सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से महाधिवक्ता राजीव रंजन ने पक्ष रखा। उल्लेखनीय है कि बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका लड़के की मां अख्तरी खातून की ओर से दायर की गयी है। पिछली सुनवाई में अदालत ने कुछ तथ्यों को छिपाये जाने की आशंका जताई थी। अदालत ने चतरा के पुलिस अधीक्षक को पूरे मामले की जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया था। साथ ही अख्तरी खातून, मोहम्मद गुलाम और मोहम्मद अब्दुल हकीम को 19 मार्च को व्यक्तिगत रूप से अदालत में उपस्थित होने का निर्देश दिया था। लेकिन मोहम्मद अब्दुल हकीम अदालत में हाजिर नहीं हुआ। इस कारण नाराज होकर अदालत ने उसके खिलाफ नन बेलेबल वारंट जारी किया। अगली सुनवाई 1 अप्रैल को होगी। झारखंड उच्च न्यायालय में बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका पर गुरुवार को सुनवाई हुई। अदालत के आदेश के बावजूद मो. अब्दुल हकीम अदालत में हाजिर नहीं हुए, जिस पर नाराजगी जताते हुए न्यायमूर्ति सुजीत नारायण प्रसाद की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने उनके खिलाफ नॉन-बेलेबल वारंट जारी कर दिया।
