पूर्वी सिंहभूम। एक जुलूस में पूर्व मंत्री बन्ना गुप्ता अपने समर्थकों के साथ शामिल थे, जबकि दूसरे जुलूस में विधायक सरयू राय अपने कार्यकर्ताओं के साथ मौजूद थे। जैसे ही दोनों जुलूस डिमना चौक के पास आमने-सामने आए, उसी दौरान आगे बढ़ने को लेकर हल्की धक्का-मुक्की हुई। इस बीच मौजूद पुलिस पदाधिकारी और जवानों ने दोनों गुटों को समझा बुझाकर हटाया। बताया जाता है कि इस दौरान बन्ना गुप्ता के करीबी कांग्रेस नेता उपेंद्र सिंह मस्तान और सरयू राय के भतीजे सह जदयू नेता आशुतोष राय के बीच कहासुनी शुरू हो गई। पहले तो मामला सामान्य बहस तक सीमित था, लेकिन कुछ ही पलों में विवाद ने उग्र रूप ले लिया और दोनों पक्षों के बीच हाथापाई शुरू हो गई। अचानक हुई इस घटना से जुलूस में शामिल लोग कुछ देर के लिए घबरा गए और मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। स्थिति बिगड़ती देख वहां मौजूद अन्य कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों ने तुरंत हस्तक्षेप किया और दोनों नेताओं को अलग कर शांत कराया। सूचना मिलते ही बन्ना गुप्ता और सरयू राय भी मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक मामला काफी हद तक शांत हो चुका था। दोनों पक्षों के वरिष्ठ नेताओं ने अपने-अपने समर्थकों को संयम बरतने की सलाह दी, जिसके बाद जुलूस पुनः निर्धारित मार्ग पर आगे बढ़ गया। घटना के बाद इलाके में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है और विभिन्न संगठनों के बीच इस मुद्दे को लेकर चर्चा जारी है। हालांकि किसी के गंभीर रूप से घायल होने की सूचना नहीं है। मानगो के डिमना चौक पर हिंदू नववर्ष के अवसर पर निकाले जा रहे भव्य शोभायात्रा के दौरान बुधवार रात दो अलग-अलग राजनीतिक गुटों के नेता आपस में भीड़ गए। घटना के दौरान कुछ देर के लिए माहौल तनावपूर्ण हो गया, हालांकि स्थानीय लोगों और कार्यकर्ताओं की सूझबूझ से स्थिति जल्द ही नियंत्रण में आ गई।मिली जानकारी के अनुसार, क्षेत्र में एक साथ कई धार्मिक और सामाजिक संगठनों की ओर से नववर्ष के उपलक्ष्य में शोभायात्राएं निकाली जा रही थीं।
हिंदू नववर्ष के अवसर पर निकाले जा रहे जुलूस में भिड़े दो गुट
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