दरभंगा : जिले में तारडीह प्रखंड अंतर्गत सकतपुर थाना क्षेत्र के मदरिया गांव स्थित राजकीय प्राथमिक विद्यालय के वरिष्ठ शिक्षक कमलापति मिश्र पर गंभीर आरोप लगातार गहराते जा रहे हैं।
गणतंत्र दिवस के दिन एक निर्धन परिवार के मासूम बच्चे को तिरस्कृत किए जाने के बाद अब आरोप है कि दबंग शिक्षक ने बच्चे के पिता सत्यनारायण मुखिया से जबरन माफी भी मंगवाई।
ग्रामीणों के अनुसार घटना के बाद से सत्यनारायण मुखिया का पुत्र मानसिक रूप से भयभीत है और कमलापति मिश्र के डर से विद्यालय जाने से कतरा रहा है। मासूम बच्चे का इस तरह दहशत में आ जाना न केवल शिक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़ा करता है, बल्कि शिक्षक की भूमिका और संवेदनशीलता पर भी गहरी चोट करता है।
सबसे गंभीर तथ्य यह सामने आया है कि कमलापति मिश्र के विरुद्ध निगरानी विभाग में अराजकता और धोखाधड़ी से जुड़ी जांच पहले से ही चल रही है, इसके बावजूद शिक्षा विभाग द्वारा अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। ग्रामीणों और जानकारों का आरोप है कि शिक्षक की राजनीतिक पहुंच के चलते शिक्षा पदाधिकारी जानबूझकर आंख मूंदे हुए हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि जिस शिक्षक पर बच्चों के मानसिक और नैतिक विकास की जिम्मेदारी है, वही शिक्षक गरीब और कमजोर वर्ग के बच्चों के स्वाभिमान को कुचलने में लगा है। एक मासूम से उसका आत्मसम्मान छीनना और फिर उसके पिता को झुकने पर मजबूर करना शिक्षा के मूल उद्देश्य के खिलाफ है।
स्थानीय लोगों में इस बात को लेकर भारी आक्रोश है कि बार-बार शिकायतों के बावजूद प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी द्वारा कोई विभागीय कार्रवाई नहीं की जा रही है। लोगों का मानना है कि यदि समय रहते कड़ी कार्रवाई होती, तो आज एक बच्चा डर के साये में जीने और स्कूल छोड़ने को मजबूर नहीं होता।
बुद्धिजीवियों का कहना है कि यह मामला केवल एक शिक्षक की दबंगई तक सीमित नहीं है, बल्कि यह प्रशासनिक संरक्षण, राजनीतिक दबाव और शिक्षा व्यवस्था में व्याप्त भय के माहौल को उजागर करता है। यदि शीघ्र निष्पक्ष जांच और कठोर कार्रवाई नहीं हुई, तो यह मामला बड़े आंदोलन का रूप ले सकता है।
फिलहाल पीड़ित परिवार न्याय की आस लगाए बैठा है, जबकि सवाल यह है कि क्या शिक्षा विभाग किसी शिक्षक की राजनीतिक पहुंच से ऊपर उठकर एक मासूम बच्चे के अधिकार और सम्मान की रक्षा कर पाएगा?
