तेहरान। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों को हुए नुकसान की भरपाई के लिए ईरान की जब्त संपत्तियों के इस्तेमाल की बात कहे जाने पर तेहरान ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने चेतावनी दी कि किसी देश की संपत्ति को इस तरह जब्त करना अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था के लिए खतरनाक मिसाल बन सकता है।
ईरान ने जताई अंतरराष्ट्रीय अस्थिरता की चिंता
ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर कहा कि किसी दूसरे देश की संपत्ति को भविष्य के संभावित और असंबंधित दावों की भरपाई के लिए जब्त करना बेहद उकसाने वाला कदम है।
उन्होंने कहा कि यदि सरकारें दूसरे देशों की संपत्तियों को जब्त करना सामान्य प्रक्रिया बना लेंगी, तो दुनिया में किसी भी देश की संपत्ति सुरक्षित नहीं रह जाएगी। इससे वैश्विक स्थिरता और शांति को नुकसान पहुंच सकता है।
ट्रंप ने ईरानी संपत्तियों से भरपाई की कही थी बात
दरअसल, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों, मालवाहक सामान या उनसे जुड़ी संपत्तियों को होने वाले नुकसान की भरपाई अमेरिका के नियंत्रण में मौजूद ईरान की जब्त संपत्तियों से की जाएगी। हालांकि, उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि इसके लिए किस कोष का इस्तेमाल किया जाएगा।
अमेरिकी प्रतिबंधों के तहत ईरान की अरबों डॉलर की संपत्तियां लंबे समय से रोक रखी गई हैं। ट्रंप के बयान के बाद दोनों देशों के बीच पहले से जारी तनाव और बढ़ गया है।
मध्य-पूर्व में बढ़ी चिंता
अमेरिका और ईरान के बीच क्षेत्रीय तनाव के बीच सैन्य गतिविधियां और जवाबी कार्रवाई लगातार जारी हैं। इससे मध्य-पूर्व की सुरक्षा और स्थिरता को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ गई है।


