केजरीवाल ने पंजाब के आप विधायकों के साथ की बैठक

नई दिल्ली : आम आदमी पार्टी (आआपा) के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने मंगलवार को आम आदमी पार्टी (आआपा) के पंजाब विधायकों के साथ दिल्ली के कपूरथला हाउस में बैठक की। इस दौरान केजरीवाल ने आगामी पंजाब विधानसभा चुनाव से जुड़ी रणनीति पर चर्चा की और कार्यकर्ताओं को पूरी ताकत से जुटने का आह्वान किया।

उल्लेखनीय है कि पंजाब के मुख्यमंत्री मंगलवार को राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मु से मिले। उनकी दिल्ली यात्रा के दौरान पार्टी के सभी विधायक भी दिल्ली में आए हैं। उनका कहना है कि राज्य विधायकों की ओर से चुने राज्यसभा सांसद आपस में मिलकर कैसे दूसरी पार्टी में शामिल हो सकते हैं। उन्होंने राष्ट्रपति के समक्ष भी यही पक्ष रखा।

दिल्ली में पार्टी विधायकों को संबोधित करते हुए केजरीवाल ने विधायकों से कहा कि पंजाब में आआपा सरकार को बने लगभग चार साल हो चुके हैं और चुनाव में अब करीब 10 महीने शेष हैं। उन्होंने दावा किया कि राज्य में एंटी-इनकंबेंसी नहीं, बल्कि प्रो-इनकंबेंसी माहौल है। बहुत कम सरकारें ऐसी होती हैं जिनकी कार्यकाल के अंत में जनता खुलकर तारीफ करती है, लेकिन पंजाब में लोग सरकार के काम से संतुष्ट हैं।

पश्चिम बंगाल के चुनाव का जिक्र करते हुए केजरीवाल ने चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाए। दिल्ली में अपनी हार का उदाहरण देते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी विधानसभा सीट पर बड़ी संख्या में वोट कटवाए गए, जिसके कारण उन्हें हार का सामना करना पड़ा।

केजरीवाल ने कहा कि पार्टी छोड़कर गए सात नेताओं को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने अपने में शामिल करा लिया। ये राज्यसभा सीटें पंजाब की जनता की थीं और इसका जवाब आगामी चुनाव में पंजाब की जनता देगी।

बैठक में केजरीवाल ने विकास कार्यों, सड़कों के निर्माण को सरकार की बड़ी उपलब्धि बताया और विधायकों को निर्देश दिया कि वे जनता के बीच सक्रिय रहकर सरकार की नीतियों और कामों को पहुंचाएं। उन्होंने कहा कि पंजाब चुनाव के बाद देश की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।

केजरीवाल ने कहा कि इतिहास में जब भी किसी ने देश पर आक्रमण किया, तब पंजाब ने हमेशा अपना खून बहाकर देश की रक्षा की। लेकिन इस बार चुनौती भीतर से है जो संविधान के मूल्यों पर खतरा बन रहे हैं, उन्हें भी पंजाब के लोग अपने लोकतांत्रिक तरीके से रोकेंगे और बाबा साहेब अम्बेडकर के संविधान की रक्षा करेंगे।

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