रांची । लगातार हो रही भारी बारिश के बीच झारखंड समेत कई राज्यों में अचानक बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग के फ्लैश फ्लड गाइडेंस सेल ने राष्ट्रीय स्तर पर चेतावनी जारी करते हुए झारखंड, ओडिशा, पश्चिम बंगाल और छत्तीसगढ़ के अलावा पूर्वोत्तर के कई राज्यों को सतर्क किया है। विभाग के मुताबिक, बीते 24 घंटों में कुछ जलग्रहण क्षेत्रों में 240 मिलीमीटर तक बारिश हुई है। इससे कई इलाकों में मिट्टी पूरी तरह संतृप्त हो गई है और नमी का स्तर 70 से 100 प्रतिशत तक पहुंच गया है। अगले 24 घंटों में भी 80 मिलीमीटर तक भारी बारिश होने की संभावना है।
झारखंड के कई जिलों में बढ़ा अचानक बाढ़ का जोखिम
मौसम विभाग के आकलन के अनुसार पूर्वी सिंहभूम, सरायकेला-खरसावां और पश्चिमी सिंहभूम में आने वाले कुछ घंटों के दौरान मध्यम स्तर की अचानक बाढ़ का खतरा बना रहेगा। वहीं अगले 24 घंटे के दौरान रांची, खूंटी, धनबाद, हजारीबाग, लातेहार, लोहरदगा और सिमडेगा में भी हल्के से मध्यम स्तर की अचानक बाढ़ की स्थिति बन सकती है।
लगातार बारिश और जमीन में नमी अधिक होने के कारण निचले इलाकों में पानी जमा होने की आशंका है। ऐसे स्थानों पर जलभराव गंभीर रूप ले सकता है। मौसम विभाग ने संभावित स्थिति को देखते हुए संबंधित प्रशासन और लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
ओडिशा, बंगाल और छत्तीसगढ़ में भी चेतावनी
झारखंड के आसपास के राज्यों में भी मौसम की स्थिति को लेकर चेतावनी जारी की गई है। ओडिशा के सुंदरगढ़, मयूरभंज, क्योंझर और देवगढ़ जिलों में अचानक बाढ़ की आशंका जताई गई है। पश्चिम बंगाल के पुरुलिया, बांकुड़ा, झाड़ग्राम, पूर्वी मेदिनीपुर और पश्चिमी मेदिनीपुर में भी भारी बारिश के कारण खतरा बना हुआ है।
छत्तीसगढ़ के बलरामपुर, जशपुर, कोरबा और सूरजपुर जिलों के साथ नागालैंड, मिजोरम, मणिपुर और त्रिपुरा के कई इलाकों में भी अचानक बाढ़ का जोखिम बताया गया है। मौसम विभाग ने संबंधित राज्यों के प्रशासन और आपदा प्रबंधन दलों को हालात पर लगातार नजर रखने तथा किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने की सलाह दी है।



