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युद्ध के बीच दुबई में फंसे झारखंड के नवदंपति ने सरकार से लगाई सुरक्षित वतन वापसी की गुहार

रांची। शादी के पावन बंधन में बंधने के बाद जीवन की नई शुरुआत के सपनों के साथ छुट्टियां मनाने दुबई गए रांची निवासी अतुल उरांव पत्नी के साथ दुबई में फंस गये हैं। रांची निवासी अतुल उरांव, अधिकारी, स्टील ऑथोरिटी ऑफ इंडिया (सेल) में अधिकारी हैं। वह पत्नी डॉ कंचन बाड़ा के साथ हनीमून पर दुबई गये थे। इसी दौरान मिडिल ईस्ट के खाड़ी क्षेत्र में युद्ध के बीच दुबई में फंस गये हैं। तनाव के बीच दोनों भय और अनिश्चितता के साये में हैं। कहां तो उनके जीवन की नई सुबह खुशियों, उत्सव और प्रेम के रंगों से सजी होनी थी, लेकिन अंतरराष्ट्रीय संघर्ष की काली छाया ने उन सपनों को सहमा दिया है।

युद्ध तनाव ने बदला हनीमून का सपना

22 फरवरी 2026 को रांची में आदिवासी पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ विवाह संपन्न हुआ। परिजनों और शुभचिंतकों की आशीर्वाद भरी विदाई के बाद नवदंपति 27 फरवरी को दुबई के लिए रवाना हुए थे। 04 मार्च को उनकी वापसी निर्धारित थी। लेकिन इसी बीच अमेरिका-इज़राइल-ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव ने खाड़ी क्षेत्र की स्थिति को अत्यंत संवेदनशील बना दिया। दुबई में एहतियातन कई उड़ानें रद्द कर दी गईं।

दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर उड़ानों का निलंबन होने से हजारों पर्यटक फंस गए हैं। होटल परिसरों के बाहर सन्नाटा पसरा है।

सार्वजनिक स्थलों पर आवाजाही सीमित कर दी गई है।

अतुल उरांव ने भावुक स्वर में बताया कि हम जीवन की नई शुरुआत का जश्न मनाने आए थे। सोचा था यह यात्रा हमारी यादों में हमेशा के लिए बस जाएगी। लेकिन दुबई पहुंचते ही हालात बदल गए। अचानक फ्लाइट्स रद्द होने की खबर आई।

डॉ. कंचन बाड़ा, जो स्वयं चिकित्सा क्षेत्र से जुड़ी एक संवेदनशील प्रोफेशनल हैं, ने कहा कि यहां का वातावरण सामान्य नहीं है। सड़कें खाली हैं। हर खबर चिंता बढ़ा देती है। हम सुरक्षित हैं, परंतु अनिश्चितता बहुत भारी है। हम बस अपने घर, अपने लोगों के बीच लौटना चाहते हैं।

रांची में बेचैन परिवार

रांची स्थित दोनों परिवारों में गहरी चिंता का माहौल है। परिजन लगातार संपर्क में रहने का प्रयास कर रहे हैं, पर हर समाचार के साथ भय और असुरक्षा की भावना बढ़ती जा रही है।

शादी की खुशियों से भरा घर अब प्रार्थनाओं और प्रतीक्षा में डूबा है। माता-पिता की आंखें टीवी समाचारों पर टिकी हैं। रिश्तेदार और मित्र सरकार से हस्तक्षेप की गुहार लगा रहे हैं।

राज्य सरकार से मानवीय हस्तक्षेप की मांग

नवदंपति ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और राज्य सरकार से तत्काल हस्तक्षेप की अपील की है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से आग्रह किया गया है कि इस मामले में जल्द वापसी की व्यवस्था की जाए और केंद्र सरकार तथा यूएई स्थित भारतीय दूतावास से समन्वय स्थापित करें। झारखंड सरकार तत्काल केंद्र सरकार से समन्वय स्थापित करे। यूएई में फंसे झारखंडियों की सूची तैयार की जाए। विशेष उड़ानों अथवा सुरक्षित कॉरिडोर के माध्यम से शीघ्र वापसी सुनिश्चित किया जाए।

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