चुनावी रणनीति और संगठन विस्तार पर चर्चा को लेकर नितिन ने बुलाई शीर्षस्तरीय बैठक

नई दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष नितिन नवीन ने बुधवार को पार्टी मुख्यालय में राष्ट्रीय पदाधिकारियों एवं प्रदेश अध्यक्षों की बैठक की अध्यक्षता की। इस अहम बैठक में संगठन की वर्तमान स्थिति की समीक्षा, आगामी राजनीतिक कार्यक्रमों, चुनावी तैयारियों और केंद्र और राज्य सरकारों की जनकल्याणकारी योजनाओं को आम जनता तक पहुंचने की रणनीति पर विस्तार से चर्चा की गई।बैठक में पार्टी के शीर्ष संगठनात्मक पदाधिकारी, विभिन्न राज्यों के प्रदेश अध्यक्ष और वरिष्ठ नेता शामिल हुए। यह बैठक ऐसे समय में आयोजित हुई है जब पार्टी संगठन पर्व के बाद नए सिरे से संगठनात्मक गतिविधियों को तेज़ करने और आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारी में जुटी हुई है। बैठक में भाजपा के संगठन महासचिव बीएल संतोष, राष्ट्रीय महासचिव अरुण सिंह, विनोद तावड़े, सुनील बंसल, दुष्यंत गौतम, तरुण चुग, सीटी रवि और राधा मोहन दास अग्रवाल सहित कई राष्ट्रीय पदाधिकारी मौजूद रहे। इसके अलावा, विभिन्न राज्यों के प्रदेश अध्यक्ष, संगठन महामंत्री (संगठन) और चुनाव प्रभारी भी बैठक में शामिल हुए। कई प्रदेशों के अध्यक्षों ने अपने-अपने राज्यों की राजनीतिक स्थिति, संगठनात्मक मजबूती और आगामी चुनौतियों को लेकर राष्ट्रीय नेतृत्व के समक्ष प्रस्तुति दी। श्री नवीन ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि भाजपा की असली ताकत उसका अनुशासित संगठन और समर्पित कार्यकर्ता हैं। उन्होंने कहा कि बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करना पार्टी की प्राथमिकता है और हर कार्यकर्ता को पार्टी की विचारधारा और सरकार की उपलब्धियों से जोड़ना आवश्यक है। उन्होंने प्रदेश अध्यक्षों से आग्रह किया कि वे केंद्र और राज्य सरकारों की योजनाओं—जैसे गरीब कल्याण, महिला सशक्तिकरण, किसान हित और युवाओं से जुड़े कार्यक्रमों—को प्रभावी ढंग से जनता तक पहुंचायें। श्री नवीन ने सभी पदाधिकारियों और प्रदेश अध्यक्षों से संगठनात्मक अनुशासन बनाए रखने, एकजुट संदेश देने और राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि संगठन और सरकार के बीच बेहतर समन्वय से ही जनता का भरोसा मजबूत होता है और भाजपा इसी मूल मंत्र के साथ आगे बढ़ रही है। बैठक में हाल ही में संपन्न संगठन पर्व, सदस्यता अभियान और पार्टी की आंतरिक लोकतांत्रिक प्रक्रिया की समीक्षा भी की गई। प्रदेश अध्यक्षों ने अपने राज्यों में संगठन पर्व के दौरान हुए कार्यों, कार्यकर्ता सम्मेलन और प्रशिक्षण कार्यक्रमों की जानकारी दी गयी। राष्ट्रीय नेतृत्व ने स्पष्ट किया कि पार्टी के सभी संगठनात्मक निर्णय भाजपा के संविधान और लोकतांत्रिक परंपराओं के अनुरूप लिए गए हैं और आगे भी संगठनात्मक अनुशासन सर्वोपरि रहेगा। पार्टी सूत्रों के अनुसार, बैठक में आगामी विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए चुनावी रणनीति पर भी चर्चा हुई। जमीनी फीडबैक, क्षेत्रीय मुद्दों और विपक्ष की रणनीतियों का विश्लेषण किया गया।

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