रांची। जमशेदपुर के व्यवसायी के अपहृत पुत्र कैरव गांधी की सकुशल बरामदगी को लेकर झारखंड की राजनीति गरमा गई है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सह राज्यसभा सांसद आदित्य साहू ने इसे राहत भरी और सुखद खबर बताते हुए दावा किया कि यह सफलता बीजेपी के दबाव और आंदोलन का प्रत्यक्ष परिणाम है।
आदित्य साहू ने कहा कि कैरव गांधी के अपहरण की घटना से पूरे राज्य में चिंता और आक्रोश का माहौल था। बीजेपी द्वारा लगातार आंदोलन और प्रशासन पर दबाव बनाए जाने के बाद ही पुलिस ने गंभीरता दिखाई, जिसके चलते अपहृत युवक की सुरक्षित बरामदगी संभव हो सकी। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते सख्ती बरती जाती, तो ऐसी घटनाओं पर पहले ही अंकुश लगाया जा सकता था।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने इस अभियान में सहयोग देने के लिए राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी, अर्जुन मुंडा, रघुवर दास, मधु कोड़ा, चंपई सोरेन, सांसद विद्युत वरण महतो, डॉ. दिनेशानंद गोस्वामी, विधायक पूर्णिमा साहू, जिलाध्यक्षों और पार्टी कार्यकर्ताओं का आभार जताया। उन्होंने कहा कि इन सभी ने पुलिस प्रशासन पर दबाव बनाने में अहम भूमिका निभाई।
आदित्य साहू ने राज्य की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि झारखंड धीरे-धीरे अपहरण, फिरौती और भ्रष्टाचार का केंद्र बनता जा रहा है। उन्होंने कहा कि भाजपा के आंदोलन के बाद जिस तरह कई गरीब परिवारों के बच्चे सुरक्षित घर लौटे, वही काम पुलिस बिना किसी आंदोलन के भी कर सकती थी। लेकिन मौजूदा हालात यह संकेत देते हैं कि पुलिस अपनी जिम्मेदारियों से बचती नजर आ रही है।
उन्होंने यह भी कहा कि अभी भी कई परिवार अपने अपहृत बच्चों की सुरक्षित वापसी का इंतजार कर रहे हैं। लगभग 50 बच्चों की बरामदगी के बाद इन परिवारों में उम्मीद जगी है और पुलिस को उनके भरोसे पर खरा उतरना चाहिए। कैरव गांधी की सकुशल बरामदगी से जहां पीड़ित परिवार को राहत मिली है, वहीं राज्य में अपहरण की बढ़ती घटनाओं ने कानून-व्यवस्था पर नए सवाल खड़े कर दिए हैं।
