रायपुर। राष्ट्रपति द्रौपदी मूर्मू गुरुवार को राष्ट्रपति भवन में आयोजित विशेष समारोह में ‘बस्तर पंडुम-2026’ के विजेताओं और बस्तर की पारंपरिक जनजातीय नेतृत्व व्यवस्था से जुड़े प्रतिनिधियों का सम्मान करेंगी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ का 164 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल राष्ट्रपति भवन पहुंचेगा।
प्रतिनिधिमंडल में उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा और संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल भी शामिल रहेंगे। समारोह के दौरान परगना मांझी, मांझी, चालकी सहित पारंपरिक जनजातीय नेतृत्व व्यवस्था से जुड़े प्रतिनिधियों तथा पद्मश्री सम्मानित विभूतियों के सम्मान में विशेष भोज का भी आयोजन किया जाएगा।
बस्तर की सांस्कृतिक विरासत को राष्ट्रीय पहचान
यह आयोजन बस्तर की समृद्ध जनजातीय संस्कृति, लोक परंपराओं और पारंपरिक नेतृत्व प्रणाली को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान और पहचान दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। इसके माध्यम से बस्तर की सांस्कृतिक विरासत को राष्ट्रीय पटल पर प्रतिष्ठित करने का प्रयास किया जा रहा है।
54 हजार से अधिक प्रतिभागियों ने लिया था हिस्सा
उल्लेखनीय है कि वर्ष 2025 में पहली बार आयोजित बस्तर पंडुम को विश्व के सबसे बड़े जनजातीय सांस्कृतिक महोत्सव के रूप में गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में स्थान मिला था। वर्ष 2026 में महोत्सव का दायरा बढ़ाकर 12 विधाओं तक विस्तारित किया गया।
बस्तर संभाग के सात जिलों के 32 विकासखंडों से 54 हजार 750 प्रतिभागियों ने महोत्सव में भाग लेकर लोककला, लोकगीत, जनजातीय नृत्य, नाट्य, वाद्ययंत्र, वेशभूषा, आभूषण, शिल्प, चित्रकला, पारंपरिक व्यंजन, आंचलिक साहित्य और वन-औषधि सहित विभिन्न विधाओं में अपनी सांस्कृतिक प्रतिभा का प्रदर्शन किया।


