पटना : बिहार की राजनीति में आज का दिन ऐतिहासिक माना जा रहा है। पिछले 21 वर्षों से सूबे की सत्ता के केंद्र रहे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने की चर्चाएं तेज हो गई हैं। सूत्रों के मुताबिक, उन्होंने राज्यसभा के लिए नामांकन दाखिल करने का मन बना लिया है। इस बड़े राजनीतिक बदलाव के बीच उनके बेटे निशांत कुमार की भी सक्रिय राजनीति में एंट्री की चर्चा जोर पकड़ रही है।
केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह आज पटना पहुंच रहे हैं। वे भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन और नीतीश कुमार के राज्यसभा प्रत्याशी के तौर पर नामांकन समारोह में शामिल होंगे। इसके बाद शाह बिहार भाजपा कोर ग्रुप की अहम बैठक भी लेंगे, जिसमें आगामी रणनीति और नेतृत्व को लेकर मंथन होगा।
इधर, राज्यसभा जाने की अटकलों के बीच मुख्य विपक्षी दल राष्ट्रीय जनता दल ने तीखा हमला बोला है। पार्टी प्रवक्ता शक्ति सिंह यादव ने दावा किया कि भाजपा ने ‘साइलेंट ऑपरेशन लोटस’ के जरिए नीतीश कुमार को घेर लिया है। उनका आरोप है कि मुख्यमंत्री को दबाव में राज्यसभा भेजा जा रहा है, ताकि बाद में इसे स्वेच्छा से लिया गया फैसला बताया जा सके।
नीतीश कुमार के संभावित उत्तराधिकारी को लेकर भाजपा के तीन प्रमुख चेहरों की चर्चा सबसे तेज है—
सम्राट चौधरी (उपमुख्यमंत्री, बिहार)
नित्यानंद राय (केंद्रीय मंत्री)
दिलीप जायसवाल (मंत्री, बिहार सरकार)
अब सबकी नजर 16 मार्च के बाद की राजनीतिक स्थिति पर टिकी है। यह देखना दिलचस्प होगा कि बिहार की कमान किसे सौंपी जाती है और भाजपा 2025 के चुनावी समीकरण को साधने के लिए किस ‘जाति कार्ड’ के जरिए अपनी रणनीति तय करती है।
