चेन्नई। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री और तमिलगा वेत्री कड़गम (टीवीके) प्रमुख थलपति विजय के निर्वाचन को चुनौती देने वाली चुनाव याचिका पर मद्रास हाई कोर्ट ने नोटिस जारी किया है। पेरंबूर विधानसभा सीट से पराजित द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (द्रमुक) उम्मीदवार आर. डी. शेखर की याचिका पर सुनवाई करते हुए अदालत ने विजय से जवाब मांगा है। मामले की अगली सुनवाई तीन सप्ताह बाद होगी।
बच्चों के इस्तेमाल समेत कई आरोप
याचिका में आरोप लगाया गया है कि चुनाव प्रचार के दौरान निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के विपरीत बच्चों का इस्तेमाल किया गया। इसके अलावा चुनावी हलफनामे में कथित विसंगतियां, आयकर बकाया का खुलासा नहीं करने, सोशल मीडिया प्रचार पर हुए खर्च का विवरण नहीं देने और निर्धारित सीमा से अधिक चुनावी खर्च करने के आरोप भी लगाए गए हैं।
याचिकाकर्ता का दावा है कि तिरुचिरापल्ली और पेरंबूर विधानसभा क्षेत्रों में दाखिल किए गए हलफनामों में अलग-अलग नोटरी के सत्यापन दर्ज हैं, जिससे दस्तावेजों की वैधता पर सवाल खड़े होते हैं।
धार्मिक स्थलों पर प्रचार का भी आरोप
याचिका में यह भी कहा गया है कि विजय ने चर्च और मंदिर परिसरों में चुनाव प्रचार किया, जिसे जन प्रतिनिधित्व अधिनियम के तहत भ्रष्ट आचरण की श्रेणी में माना जा सकता है। इसी तरह के आरोपों के आधार पर तिरुचिरापल्ली पूर्व विधानसभा क्षेत्र से पराजित द्रमुक उम्मीदवार इनिगो इरुधयराज ने भी विजय के निर्वाचन को उच्च न्यायालय में चुनौती दी है।
पेरंबूर सीट पर बड़ी जीत दर्ज की थी
पेरंबूर विधानसभा चुनाव में थलपति विजय को 1,20,365 मत मिले थे, जबकि द्रमुक उम्मीदवार आर. डी. शेखर को 66,650 वोट प्राप्त हुए थे। विजय ने 53,715 मतों के बड़े अंतर से जीत दर्ज की थी। तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के लिए 23 अप्रैल 2026 को मतदान हुआ था और चार मई को परिणाम घोषित किए गए थे।
