भारत-बांग्लादेश सीमा पर तनाव: बीजीबी का बीएसएफ पर लोगों को अवैध तरीके से धकेलने का आरोप

ढाका : बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश (BGB) ने भारत के प्रमुख अर्धसैनिक बल ‘सीमा सुरक्षा बल’ (BSF) पर अंतर्राष्ट्रीय सीमा पर अवांछित तनाव बढ़ाने का गंभीर आरोप लगाया है। भारत की ओर से कथित तौर पर लोगों को सीमा पार धकेले (पुश-इन) जाने की बढ़ती घटनाओं के खिलाफ बीजीबी ने अब कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। बीजीबी मुख्यालय के उप महानिदेशक और बल के मुख्य प्रवक्ता कर्नल अबू हसनत मोहम्मद महमूद आजम ने स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा है कि सीमा के रास्ते अवैध रूप से देश की सीमा में धकेले गए किसी भी अज्ञात व्यक्ति को बांग्लादेश स्वीकार नहीं करेगा।

पहचान सत्यापन के बिना प्रवेश नहीं, ईद के मद्देनजर कर्मियों की छुट्टियां रद्द

ढाका ट्रिब्यून की रिपोर्ट के अनुसार, बीजीबी प्रवक्ता कर्नल आजम ने कहा कि यदि सीमा पार कराए गए व्यक्तियों में से कोई भी भविष्य में बांग्लादेशी नागरिकता का दावा करता है, तो अंतर्राष्ट्रीय नियमों और स्थापित कानूनी प्रक्रियाओं के तहत निर्धारित चौकियों के माध्यम से उनकी पहचान का गहन सत्यापन किया जाएगा। इसके बाद ही कोई अगला कदम उठाया जाएगा। उन्होंने कहा कि बीजीबी सीमा पर पैदा होने वाली किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है। सीमाई इलाकों में इन घटनाओं में अचानक हुई वृद्धि के कारण आगामी बकरीद (ईद-उल-अजहा) के त्योहार के दौरान बल के कई अधिकारियों और फील्ड कर्मियों की छुट्टियां भी रद्द कर दी गई हैं।

बेनापोल सीमा की ‘जीरो लाइन’ पर फंसे बच्चे और महिलाएं, बीएसएफ को भेजा पत्र

प्रवक्ता ने हालिया घटना का विवरण देते हुए बताया कि रविवार देर रात जेस्सोर के शारशा उप-जिला अंतर्गत बेनापोल सीमा क्षेत्र में कटीले तारों की बाड़ के एक गेट से 10 महिलाओं, पुरुषों और बच्चों को कथित रूप से बांग्लादेश में धकेलने का प्रयास किया गया, जिसे बीजीबी ने हस्तक्षेप कर विफल कर दिया। ये सभी लोग वर्तमान में बेनापोल सीमा के पास सादीपुर गांव में बॉम्बेतोला के निकट ‘जीरो लाइन’ (नो मैन्स लैंड) पर फंसे हुए हैं। जेस्सोर 49 बीजीबी बटालियन के कमांडर लेफ्टिनेंट कर्नल गुलाम मोहम्मद सैफुल आलम खान के अनुसार, इस मानवीय मुद्दे के त्वरित समाधान के लिए बीएसएफ को एक आधिकारिक पत्र भेजा गया था, लेकिन सोमवार शाम तक भारतीय पक्ष से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली।

मई महीने से पुश-इन की घटनाओं में तेजी, बांग्लादेशी सीमा पर खुफिया तंत्र अलर्ट

बीजीबी अधिकारियों का आरोप है कि बांग्ला बोलने वाले व्यक्तियों को अवैध प्रवासी या घुसपैठिया करार देकर सीमा प्रबंधन की स्थापित अंतर्राष्ट्रीय प्रक्रियाओं का उल्लंघन करते हुए बांग्लादेश की ओर धकेलने के प्रयास मई महीने से काफी बढ़ गए हैं। विशेषकर 24 मई के बाद से सतखीरा और चुआडांगा की दर्शना सीमा चौकियों पर ऐसी कई कोशिशें देखी गईं, जहाँ 100 से अधिक लोगों को कथित रूप से पार कराने का प्रयास हुआ और बीजीबी ने 50 से अधिक संदिग्धों को हिरासत में भी लिया। इस स्थिति को देखते हुए सीमावर्ती इलाकों में बीजीबी ने गश्त और निगरानी बढ़ाने के साथ-साथ अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती कर दी है और खुफिया गतिविधियों को तेज करते हुए सीमावर्ती स्थानीय समुदायों को भी सतर्क रहने को कहा है।

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