शिक्षा का उद्देश्य केवल रोजगार प्राप्त करना नहीं, बल्कि जिम्मेदार व राष्ट्र-निर्माण में सहभागी नागरिक बनना है : राज्यपाल

-सरला बिरला विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में राज्यपाल ने युवाओं को दिया ‘जॉब क्रिएटर’ बनने का संदेश

रांची। झारखंड के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने कहा कि दीक्षांत समारोह केवल डिग्री प्राप्त करने का अवसर नहीं, बल्कि दायित्व ग्रहण करने का संस्कार है। शिक्षा का उद्देश्य केवल रोजगार प्राप्त करना नहीं, बल्कि जिम्मेदार और राष्ट्र-निर्माण में सहभागी नागरिक बनना है। राज्यपाल बुधवार को रांची में स्थित सरला बिरला विश्वविद्यालय के तृतीय दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे।

राज्यपाल ने इस मौके पर विद्यार्थियों से जीवन की चुनौतियों का आत्मविश्वास और उत्कृष्टता के साथ सामना करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय आधुनिक अधोसंरचना, प्राकृतिक वातावरण और राष्ट्रीय शिक्षा नीति–2020 के अनुरूप बहुआयामी शिक्षण पद्धति के माध्यम से गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान कर रहा है, जो सराहनीय है।

समारोह के दौरान राज्यपाल ने चार विशिष्ट व्यक्तित्वों को मानद डॉक्टरेट की उपाधि प्रदान की। इनमें भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के अध्यक्ष वी. नारायणन, राज्यसभा सांसद एवं उद्योगपति गोविंदभाई लालजीभाई ढोलकिया तथा डीआरडीओ से जुड़े डायरेक्टर जनरल और अंतरराष्ट्रीय तीरंदाजी कोच पद्मश्री पूर्णिमा महतो शामिल हैं। राज्यपाल ने कहा कि इनका योगदान युवाओं के लिए प्रेरणादायक है।

उन्होंने “विकसित भारत 2047” के लक्ष्य का उल्लेख करते हुए कहा कि ज्ञान, विज्ञान, नवाचार और नैतिक मूल्यों पर आधारित समग्र विकास ही राष्ट्र की प्रगति का मार्ग है। राज्यपाल ने युवाओं को ‘जॉब सीकर’ नहीं, बल्कि ‘जॉब क्रिएटर’ बनने का संदेश देते हुए स्टार्ट-अप, डिजिटल नवाचार और नई तकनीकों के क्षेत्र में आगे आने का आह्वान किया।

विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में भारत की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए उन्होंने भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन की सफलताओं, विशेषकर चंद्रयान-3 और आदित्य-एल1 मिशनों का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि स्पष्ट लक्ष्य, अनुशासन और दृढ़ संकल्प से किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है।

दीक्षांत समारोह में विश्वविद्यालय के 32 विद्यार्थियों को ‘बसंत कुमार सरला बिरला स्वर्ण पदक’ प्रदान किया गया, जबकि 10 विद्यार्थियों को पीएचडी की उपाधि दी गई। इसके अलावा विभिन्न संकायों के 1331 विद्यार्थियों को डिग्रियां प्रदान की गईं।

समारोह में विश्वविद्यालय के प्रतिकुलाधिपति बिजय कुमार दलान, महानिदेशक प्रो. गोपाल पाठक और राज्यसभा सांसद सह शासी निकाय सदस्य डॉ. प्रदीप कुमार वर्मा सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

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