भोपाल। श्रावण मास की अमावस्या पर आज अंतरिक्ष में एक दुर्लभ और ऐतिहासिक खगोलीय घटना होने जा रही है। साल का सबसे बड़ा पूर्ण सूर्य ग्रहण आज लगेगा, जिसके दौरान दुनिया के कई हिस्सों में दिन के समय ही अंधेरा छा जाएगा। यह ग्रहण विशेष रूप से यूरोप के लिए ऐतिहासिक माना जा रहा है, क्योंकि वहां 27 साल बाद पूर्ण सूर्य ग्रहण दिखाई देगा।
यूरोप में दिन के समय छा जाएगा अंधेरा
नेशनल अवार्ड प्राप्त विज्ञान प्रसारक सारिका घारू ने बताया कि इससे पहले यूरोप में वर्ष 1999 में पूर्ण सूर्य ग्रहण देखा गया था। भारतीय समयानुसार ग्रहण रात 9:04 बजे शुरू होगा और अगले दिन रात 1:27 बजे समाप्त होगा। चूंकि ग्रहण की पूरी अवधि भारत में रात के समय होगी, इसलिए यह देश में कहीं भी दिखाई नहीं देगा।
इन देशों में दिखेगा पूर्ण सूर्य ग्रहण
पूर्ण सूर्य ग्रहण का मुख्य मार्ग उत्तरी रूस, ग्रीनलैंड, आइसलैंड, स्पेन और पुर्तगाल से होकर गुजरेगा। इन क्षेत्रों में लोगों को दिन के समय रात जैसा अंधेरा अनुभव होगा। इसके अलावा पूरे यूरोप, कनाडा और उत्तरी अमेरिका के कुछ हिस्सों में आंशिक सूर्य ग्रहण भी देखा जा सकेगा।
अंधविश्वास से दूर रहने की अपील
सारिका घारू ने लोगों से ग्रहण को अंधविश्वास से जोड़ने के बजाय इसे एक प्राकृतिक और खगोलीय घटना के रूप में देखने की अपील की है। उन्होंने बताया कि दुनिया की लगभग 12 प्रतिशत आबादी इस ग्रहण को प्रत्यक्ष रूप से देख सकेगी, जबकि भारत के खगोल प्रेमी इसे नासा और अन्य वैज्ञानिक संस्थाओं के ऑनलाइन लाइव प्रसारण के माध्यम से देख सकते हैं।
उन्होंने यह भी बताया कि 28 अगस्त को आंशिक चंद्र ग्रहण लगेगा, लेकिन वह भी भारत में दिखाई नहीं देगा। भारत में अगला सूर्य ग्रहण 2 अगस्त 2027 को आंशिक रूप में देखा जा सकेगा।


